कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। उत्तराखंड के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए रैट-होल माइनर्स की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह टीम 800 मिमी के पाइप में घुसकर मैन्युअल ड्रिलिंग करती है, जिससे सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचा जा सकता है। इस तकनीक का उपयोग करते हुए, रैट-होल माइनर्स ने सुरंग के भीतर 15 मीटर की दूरी तय की और मजदूरों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की।
जहां एक ओर रैट-होल माइनिंग तकनीक ने उत्तराखंड में मजदूरों को बचाने में सफलता दिलाई, वहीं दूसरी ओर तेलंगाना में भी रैट-होल माइनर्स की टीम को तैनात किया गया है। यह टीम तेलंगाना में फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए सुरंगों में मैन्युअल ड्रिलिंग करेगी, जिससे फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचा जा सके।
रैट-होल माइनिंग तकनीक, जो पहले अवैध मानी जाती थी, अब आपातकालीन बचाव अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस तकनीक के माध्यम से, सुरंगों में फंसे मजदूरों तक पहुंचना संभव हो पा रहा है, जिससे उनकी जान बचाई जा रही है।
