कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आप अभियोजक नहीं, बल्कि उत्पीड़क बन गए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि यदि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं, तो उन्हें क्यों परेशान किया जा रहा है। कोर्ट ने यह टिप्पणी उस मामले में की, जहां राज्य सरकार द्वारा गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने को कहा और न्यायिक प्रक्रिया के पालन की सलाह दी।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने एक आरोपी व्यक्ति की याचिका पर राज्य के हलफनामे का हवाला दिया। साथ ही यह सवाल किया कि उसके खिलाफ ऐसे मामले क्यों हैं जिन्हें या तो रद कर दिया गया है या जिनमें उसे बरी कर दिया गया है।
