कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।गणेश जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटका, तेलंगाना और गुजरात में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल गणेश जयंती 2025 में 17 सितंबर को मनाई जाएगी।
गणेश जी की पूजा के दौरान विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप पूजा विधि को सही तरीके से करते हैं और उनका ध्यान करते हुए आरती और मंत्रों का जप करते हैं, तो इससे किसी भी कार्य में कोई रुकावट नहीं आएगी। गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करने से जीवन में सुख, समृद्धि और हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
गणेश जी की आरती और मंत्रों का महत्व:
1. गणेश जी की आरती - पूजा के दौरान गणेश जी की आरती का गान विशेष महत्व रखता है। “जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देव” इस आरती का पाठ करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
2. मंत्रों का जप - गणेश मंत्रों का जप करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इनमें प्रमुख मंत्र “ॐ गण गणपतये नमः” और “ॐ श्री गणेशाय नमः” का जप विशेष लाभकारी माना जाता है।
गणेश जी की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान:
• पूजा स्थल को स्वच्छ और शुद्ध रखें।
• भगवान गणेश के सामने मोदक या लड्डू का भोग अर्पित करें।
• नियमित रूप से गणेश जी का ध्यान करें और मंत्रों का जप करें।
