कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार भ्रष्टाचार को कम करने का प्रयास कर रही।लेकिन गांव में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं। गांव में जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पूरनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपरिया जयभद्र में बनाई जा रही लगभग 150 मीटर इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में धारण से घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रधान और सचिव सहित ब्लॉक के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचारियों पर नकेल लगाने की पूरी तरह से कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पूरनपुर ब्लाक में मनचाहे ठेकेदारों को सड़क और नाली निर्माण का टेंडर दिया जाता है और यह ठेकेदार सड़क और नाली निर्माण में भ्रष्टाचार की ईट लगाने से बाज नहीं आते हैं।
पिपरिया जयभद्र गांव में इंटरलॉक निर्माण में ठेकेदार द्वारा घटिया इंटरलॉकिंग का प्रयोग किया जा रहा है। जो हाथ से पकड़े ही टूट जा रही है। ग्रामीणों ने हाथ से इंटरलॉकिंग को तोड़ते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। भ्रष्टाचार के इस खेल में ब्लॉक के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। विकास के नाम पर सरकारी धन का जमकर बंदर बाट किया जा रहा है। सचिव और जेई की उदासीनता के चलते क्षेत्र के गांव को उचित विकास की डगर नहीं मिल पा रही है। इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि मानक विहीन कार्य कई दिनों से किया जा रहा है। लेकिन ठेकेदार सहित अन्य जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़क निर्माण में मोरिंग, रेत व सीमेंट भी मानक के अनुसार नहीं लगाया जा रहा है। जिससे सड़क जल्द ही खराब हो जाएगी जल्द ही गांव के जिम्मेदार ग्रामीण इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत कर सड़क निर्माण की जांच कर कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने का कार्य करेंगे
