लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलीगंज में सोमवार को विद्या भारती की ओर से चयनित विद्यालयों की प्रबंध समितियों एवं प्रधानाचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों के गुणात्मक विकास, विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर मंथन किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि वर्तमान समय में संख्या का अपना महत्व है। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाएं लगातार कठिन होती जा रही हैं। ऐसे में प्रधानाचार्य, प्रबंध समिति और विद्यार्थियों को मिलकर लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की सर्वांगीण उन्नति पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। गीत, भाषण, प्रस्तुति और खेल जैसी गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों का मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य भी मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कार हमारी शिक्षा व्यवस्था का मजबूत आधार हैं। वैज्ञानिकों के जीवन और उपलब्धियों के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कृष्ण गोपाल एवं विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री यतींद्र जी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। सुबह नौ बजे से तीन चरणों में दिनभर चली विभिन्न बैठकों में मेरिट सूची में बेहतर प्रदर्शन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की उत्कृष्टता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में चारों प्रांतों की आठ समितियों से कुल 356 प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। संचालन क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं माध्यमिक शिक्षा के पूर्व निदेशक डॉ. दिव्यकांत ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


