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दिल्ली वायु प्रदूषण और प्रोफेसर महमूदबाद पर आज सुनवाई

मंगलवार (6 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध कई अहम मामलों की सुनवाई होगी।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: January 6, 2026

  दिल्ली वायु प्रदूषण और प्रोफेसर महमूदबाद  पर आज सुनवाई

मंगलवार (6 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध कई अहम मामलों की सुनवाई होगी। जिसमें विभिन्न राज्यों में आयोजित मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी। इसी के साथ शीर्ष अदालत अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मोहम्मद आमिर अहमद महमूदबाद की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित मामले में पासपोर्ट जारी करने और जमानत की शर्तों में ढील देने की मांग की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। अधूरी परियोजनाओं में फ्लैटों की मांग वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई की जाएगी। छात्र चुनावों से जुड़ी जनहित याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2006 की लिंगदोह समिति रिपोर्ट को लागू करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों के लिए नियामक ढांचा निर्धारित किया गया है। शीर्ष न्यायालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार ने लिंगदोह समिति का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट का उद्देश्य शैक्षणिक मानकों को बनाए रखते हुए परिसर की राजनीति से "धन और बाहुबल" को समाप्त करना था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने शिव कुमार त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें कोई दम नहीं है। छात्र चुनावों से जुड़ी जनहित याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2006 की लिंगदोह समिति रिपोर्ट को लागू करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों के लिए नियामक ढांचा निर्धारित किया गया है। शीर्ष न्यायालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार ने लिंगदोह समिति का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट का उद्देश्य शैक्षणिक मानकों को बनाए रखते हुए परिसर की राजनीति से "धन और बाहुबल" को समाप्त करना था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने शिव कुमार त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें कोई दम नहीं है। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान त्रिपाठी के वकील ने कहा कि याचिका में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र निकायों के निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए समिति की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की गई। 

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