कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण की शताब्दी वर्ष के अवसर पर, केंद्र सरकार 100 रुपये मूल्य का रंगीन स्मारक सिक्का जारी करने की योजना बना रही है। यह सिक्का भारतीय रेलवे की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को सम्मानित करने और इसके इतिहास को संजोने के लिए जारी किया जाएगा।
भारतीय रेलवे का विद्युतीकरण: एक संक्षिप्त इतिहास
• प्रारंभ: 3 फरवरी 1925 को भारत में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और कुर्ला के बीच 16 किलोमीटर की दूरी तय की थी। यह 1500 वोल्ट डायरेक्ट करंट (DC) प्रणाली पर आधारित थी, जिससे भारत दुनिया का 24वां और एशिया का तीसरा देश बना, जिसने इलेक्ट्रिक रेल सेवाएं संचालित कीं। 
• विस्तार: 1957 में, भारतीय रेलवे ने 25 kV AC प्रणाली को विद्युतीकरण के मानक के रूप में अपनाया, जिससे भारत ऐसा करने वाला सोवियत संघ के बाद दूसरा देश बना। इससे पहले, 1954 में, यूरोपीय विद्युतीकरण मॉडल का अध्ययन करके 3000 वोल्ट DC प्रणाली को चुना गया था।
• वर्तमान स्थिति: वर्ष 2014-15 के बीच, प्रतिदिन लगभग 1.42 किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया, और 2023-24 में यह बढ़कर प्रतिदिन 19.7 किलोमीटर हो गया। इससे भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण में अभूतपूर्व गति आई है।
यह स्मारक सिक्का भारतीय रेलवे की समृद्ध विरासत और इसके विद्युतीकरण में हुई प्रगति को प्रदर्शित करेगा, जो देश की आर्थिक और सामाजिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
