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मड़ियांव थाना बना अपराध नियंत्रण की मिसाल

काम बोले, नाम नहीं की नीति पर खरे उतरते प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: January 3, 2026

मड़ियांव थाना बना अपराध नियंत्रण की मिसाल

काम बोले, नाम नहीं की नीति पर खरे उतरते प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा

कैनविज टाइम्स संवाददाता।

लखनऊ। राजधानी के मड़ियांव थाना आज अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में एक मिसाल के रूप में उभरकर सामने आया है। इसकी सबसे बड़ी वजह हैं प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा, जो सोशल मीडिया प्रचार और दिखावे से दूर रहकर केवल परिणामोन्मुखी पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हैं। 2001 बैच के इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा बीते ढाई वर्षों से मड़ियांव थाने की कमान संभाल रहे हैं। वर्तमान में वे क्राइम ब्रांच लखनऊ के भी प्रभारी हैं। उनके कुशल नेतृत्व में न केवल मड़ियांव थाना क्षेत्र, बल्कि पूरे लखनऊ में कई बड़े और सनसनीखेज अपराधों का सफल अनावरण किया गया है।

वाहन चोरियों पर कड़ा प्रहार

बीते वर्ष मड़ियांव थाना क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 43 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इसके बाद 17 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी के साथ कई शातिर चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।यूपी के एक वरिष्ठ अधिकारी के आवास पर हुई चोरी समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों का भी सफल खुलासा किया गया।

गैंगस्टर एक्ट और जिला बदरी की कार्रवाई

अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए मड़ियांव पुलिस ने सात गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज कर कई अपराधियों को जिला बदर किया, जबकि कई को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।

क्राइम ब्रांच के प्रभारी रहते हुए बड़े एनकाउंटर

क्राइम ब्रांच लखनऊ के प्रभारी के रूप में शिवानंद मिश्रा की टीम वर्ष 2025 में हुए पांच बड़े पुलिस एनकाउंटरों में से चार में शामिल रही, जिनमें कई कुख्यात अपराधियों का अंत किया गया।दिसंबर 2024 इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़कर करोड़ों की चोरी करने वाले गिरोह से मुठभेड़।मार्च 2025 मलिहाबाद में दुष्कर्म व हत्या के मुख्य आरोपी अजय कुमार का एनकाउंटर
अक्टूबर 2025 जानकीपुरम क्षेत्र में शातिर लुटेरे कमलेश तिवारी का एनकाउंटर कैब चालकों की हत्या कर वाहन लूटने वाले डेढ़ लाख के इनामी बदमाश गुरुसेवक को मुठभेड़ में ढेर किया गया।इन कार्रवाइयों से अपराधियों में भय का माहौल बना, वहीं आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।

पुलिस की पहचान प्रचार से नहीं, परिणाम से होती है

प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा का स्पष्ट मानना है कि पुलिस की असली पहचान प्रचार से नहीं, बल्कि उसके कार्य और परिणामों से बनती है। यही कारण है कि वे चुपचाप, लगातार और प्रभावी ढंग से अपराध नियंत्रण में जुटे हुए हैं। आज मड़ियांव थाना लखनऊ पुलिस के लिए एक आदर्श थाना बनकर सामने आया है, जहाँ कानून का भय और जनता का विश्वास दोनों कायम हैं।

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