कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।महाकुंभ मेला 2025 के तहत संगम पर पौष पूर्णिमा के अवसर पर ऐतिहासिक स्नान का आयोजन हुआ। इस दिन लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य की प्राप्ति के लिए गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। “हर-हर गंगे” के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने पवित्र नदी में स्नान किया और आस्था की एक नई लहर का आभास कराया।
संगम क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, और प्रशासन ने हर दिशा में ट्रैफिक और यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित किया। श्रद्धालुओं के बीच खास उत्साह था, और पूरा माहौल धार्मिक गूंज से भर गया था।

पौष पूर्णिमा का स्नान महाकुंभ के एक महत्वपूर्ण स्नान दिवस के रूप में पहचाना जाता है। यह दिन विशेष रूप से हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए अत्यधिक महत्व रखता है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन किए गए स्नान से पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है।
प्रसिद्ध अखाड़ों के साधु-संतों ने भी इस पवित्र अवसर पर गंगा के किनारे पूजा-अर्चना की। आस्था और श्रद्धा का यह अद्वितीय संगम एक पवित्र और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा था।
खास तस्वीरें:
1. संगम में स्नान करते श्रद्धालु
2. “हर-हर गंगे” के उद्घोष में डूबे भक्त
3. संत-महात्मा और अखाड़ों के साधु
4. सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के कड़े
