सोमवार को लखनऊ कमिश्नरेट के महिंगवा थानांतर्गत खंतारी गांव निवासी अवधेश रावत (25)पुत्र रामकुमार रावत की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल में ईलाज के दौरान हो गई थी,जिसके बाद उनके परिजनों ने कब्र खोदकर उसके शव को उसी में दफना दिया था और उसका अंतिम संस्कार कर दिया था,लेकिन अंतिम संस्कार करने के अगले दिन मंगलवार सुबह अवधेश का जैकेट उसी के खेत के किनारे पड़े तख्त के पास पुआल के नीचे दबा हुआ पाया गया था और तख्त के पास ही हरे रंग का कोई तरल पदार्थ भी पड़ा हुआ देखा गया था,जिसको पुआल से दबा दिया गया था जिसके बाद अवधेश के परिजनों ने पुलिस को सूचना दिया और मौक़े पर पहुंची पुलिस से अवधेश के शव को खुदवाकर पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी।जिसके बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौक़े पर बुलवाकर साक्ष्य एकत्रित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था और अग्रिम विधिक कार्यवाही में लगी हुई थी,वही बुधवार दोपहर को उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद एडीसीपी लखनऊ कमिश्नरेट उत्तरी जीतेंद्र कुमार दुबे की मौजूदगी में मृतक अवधेश के शव को कब्र से खुदवाकर पोस्टमार्टम के भिजवाया था।वही उनका साफ़ तौर पर कहना था कि पुलिस घटना की जांच में गहनता से लगी हुई है,मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी।दरअसल महिंगवा थानांतर्गत खंतारी गांव निवासी अवधेश रावत शटरिंग लगाने का काम करता था,रविवार सुबह वह अपने घर से काम के लिए लखनऊ के लिए निकला था,रविवार रात्रि लगभग ग्यारह बजे वापस वह घर पहुंचा और उसके लगातार उल्टियां हो रही थी,जब परिजनों ने कारण पूछा तो उसने बताया कि बेहटा में दोस्तों के साथ वेज़ बिरयानी खाई थी,उसके बाद से उल्टियां हो रही है,वही रात्रि को ही परिजन अवधेश को ईलाज के लिए बीकेटी साढा़मऊ स्थित रामसागर मिश्र शौ शैय्या अस्पताल ले गए जहां हालत ज्यादा गंभीर होने पर सोमवार सुबह उसे बलरामपुर अस्पताल लखनऊ के लिए रिफर कर दिया गया,जहा ईलाज के दौरान मौत हो गई।वही उसके परिजनों ने पहले तो उसकी मौत को साधारण समझा ,लेकिन वही जब उसका जैकेट मंगलवार सुबह खेत के पास पुआल में दबा पाया तो तो उन्होंने पुलिस को तत्काल सूचना देकर ज़हर देकर हत्या करने की आशंका जताई थी और शव के पोस्टमार्टम किए जाने की मांग की थी। जिसके बाद पुलिस ने उसके शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
