कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से उनकी गिरफ्तारी की अनुमति मांगी है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत सत्येंद्र जैन के खिलाफ अदालत में मामला चलाने के लिए अभियोजन की मंजूरी प्रदान करें।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218:
इस धारा के तहत, न्यायाधीशों, मजिस्ट्रेटों और सार्वजनिक सेवकों के खिलाफ अभियोजन के लिए सरकारी अनुमति आवश्यक होती है। यदि 120 दिनों के भीतर अनुमति नहीं मिलती, तो इसे स्वीकृत माना जाता है।
सत्येंद्र जैन पर आरोप:
सत्येंद्र जैन पर 2015-2016 में फर्जी कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर 16.39 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 30 मई 2022 को उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
अगला कदम:
अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही उनके खिलाफ अदालत में मामला चलाया जा सकेगा। यह कदम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे पहले, 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की एक अदालत ने सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी थी, लेकिन अब गृह मंत्रालय की यह कार्रवाई उनकी कानूनी स्थिति को और जटिल बना सकती है।
