कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।
हाल के दिनों में हिंदी भाषा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है।
अमित शाह का बयान:
सितंबर 2023 में हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी को एकजुट करने वाली भाषा बताते हुए कहा था कि हिंदी देश की विविधता में एकता का प्रतीक है।
एमके स्टालिन की प्रतिक्रिया:
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हिंदी को थोपे जाने के खिलाफ अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंदी थोपने की कोशिश 1965 के हिंदी विरोधी आंदोलन की यादें ताजा कर सकती है, जिससे सामाजिक सौहार्द्र प्रभावित हो सकता है।
उदयनिधि स्टालिन का बयान:
हाल ही में, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी हिंदी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हिंदी ने कई क्षेत्रीय भाषाओं को समाप्त कर दिया है, जैसे राजस्थानी, हरियाणवी, भोजपुरी और अन्य बिहारी भाषाएं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि तमिलनाडु में हिंदी को बढ़ावा दिया गया, तो यहां की भाषाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
