कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। 150 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में सैम पित्रोदा का नाम सामने आया है। इस मामले में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सैम पित्रोदा के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। शिकायत में आरोप है कि पित्रोदा ने कथित रूप से भूमि अधिग्रहण और आवंटन में अनियमितताएं की हैं, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है।
• भूमि घोटाला: सैम पित्रोदा पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी भूमि के अधिग्रहण और आवंटन में अनियमितताएं कीं, जिससे 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
• ED की शिकायत: प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में सैम पित्रोदा के खिलाफ शिकायत दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है।
• अनियमितताएं: शिकायत में कहा गया है कि पित्रोदा ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की और निजी लाभ के लिए सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया।
• आरोपों की गंभीरता: यह मामला गंभीर है, क्योंकि इसमें सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं, जो सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित कर सकते हैं।
इस मामले में आगे की जांच जारी है, और संबंधित अधिकारियों ने सैम पित्रोदा से पूछताछ शुरू कर दी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो पित्रोदा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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BJP ने दर्ज कराई शिकायत
वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकर्ता एनआर रमेश ने सोमवार को इससे संबंधित दस्तावेज सौंपे। रमेश ने आरोप लगाया कि कर्नाटक वन विभाग की भूमि से जुड़े 150 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले में कांग्रेस नेता सैम पित्रोदी संलिप्त हैं।
पर्यावरण विभाग के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव भी घिरे
इस शिकायत में कर्नाटक के वन एवं पर्यावरण विभाग के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव और कर्नाटक विद्युत विनियामक आयोग के मौजूदा प्रमुख जावेद अख्तर के साथ ही वनों के प्रधान मुख्य संरक्षक आरके सिंह और संजय मोहन एवं बेंगलुरु शहरी क्षेत्र के उप वन संरक्षक एन रविंद्र कुमार व एसएस रविशंकर का भी नाम है।
