कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन और विपक्ष दोनों ही सक्रिय हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हाल ही में महागठबंधन की रणनीतियों का खुलासा किया है, जो चुनावी नैया को पार लगाने के लिए तैयार किए गए हैं। उन्होंने महागठबंधन की 17 महीने की सरकार के दौरान किए गए ऐतिहासिक कार्यों का भी उल्लेख किया, जिनसे राज्य में विकास की गति को दर्शाया गया।
तेजस्वी यादव ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने जाति सर्वेक्षण के आधार पर आरक्षण सीमा को 65 प्रतिशत तक बढ़ाया था, लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद यह सीमा घटकर 16 प्रतिशत रह गई, जिससे दलित, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के लोगों को नुकसान हुआ। उन्होंने आगामी चुनाव में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की योजना बनाई है।
इसके अतिरिक्त, तेजस्वी यादव ने मिथिलांचल क्षेत्र के विकास के लिए दो प्रमुख घोषणाएं की हैं:
1. 200 यूनिट मुफ्त बिजली: यदि महागठबंधन की सरकार बनती है, तो राज्य के सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी।
2. मिथिलांचल विकास प्राधिकरण का गठन: मिथिलांचल क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक विशेष प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।
तेजस्वी यादव ने हाल ही में आयोजित विभिन्न समाजों की रैलियों में भी भाग लिया, जैसे तेली हुंकार रैली, धोबी अधिकार रैली, कुर्मी एकता रैली, और कोइरी आक्रोश रैली। इन रैलियों के माध्यम से उन्होंने विभिन्न जाति समूहों को महागठबंधन के पक्ष में लामबंद करने की कोशिश की है, जिससे आगामी चुनाव में सामाजिक समीकरणों को अपने पक्ष में किया जा सके।
इन सभी प्रयासों के माध्यम से महागठबंधन आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी की योजना बना रहा है, जबकि विपक्षी दलों ने भी अपनी रणनीतियों को सक्रिय कर दिया है। राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, और आगामी चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
