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Bihar Politics: लालू परिवार में फिर छिड़ा सियासी घमासान, तेजस्वी नहीं तेज प्रताप ने कर दिया असली खेला

बिहार
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kanwhizz Times
  • Updated: January 18, 2025

कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।बिहार में लालू यादव के परिवार में एक बार फिर सियासी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। राजद के प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के दोनों बेटों, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के बीच मतभेद सामने आ गए हैं, जो अब पार्टी और राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले सकते हैं।

तेज प्रताप का “खेला”

हालांकि तेजस्वी यादव ने राज्य की राजनीति में अपनी सक्रियता और नेतृत्व की दिशा में कई कदम उठाए हैं, लेकिन तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर से अपने बयान और गतिविधियों से पार्टी और परिवार के भीतर हलचल मचा दी है। तेज प्रताप ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे बयान दिए, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि वह तेजस्वी यादव के नेतृत्व से खुश नहीं हैं।

तेजस्वी और तेज प्रताप के बीच विवाद

तेज प्रताप ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह संकेत दिया है कि उन्हें पार्टी में अपनी अहमियत नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि पार्टी के फैसलों में उन्हें हाशिए पर रखा जा रहा है। इसके विपरीत, तेजस्वी यादव ने हमेशा परिवार और पार्टी की एकजुटता की बात की है और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ अपना मोर्चा खोला है।

क्या है तेज प्रताप का अगला कदम?

तेज प्रताप का यह “खेला” अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन चुका है। कई राजद कार्यकर्ता और नेता यह मानते हैं कि तेज प्रताप के इस कदम से पार्टी की अंदरूनी राजनीति में और अधिक तनाव बढ़ सकता है। हालांकि, तेज प्रताप ने खुद इस विवाद को सुलझाने की बजाय सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करना चुना है, जो भविष्य में पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

लालू यादव की भूमिका

लालू यादव, जो खुद एक कुशल राजनेता माने जाते हैं, उनके लिए यह स्थिति मुश्किल हो सकती है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लालू यादव ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह विवाद पार्टी के भीतर एक बड़ी दरार का कारण बन सकता है। हालांकि, लालू यादव के लिए यह भी चुनौती होगी कि वह अपने दोनों बेटों के बीच संतुलन बनाए रखें और पार्टी की एकजुटता को बचाए रखें।

राजनीतिक स्थिति

बिहार की राजनीति में इस विवाद का असर न केवल राजद के भीतर, बल्कि राज्य सरकार और गठबंधन की राजनीति पर भी पड़ सकता है। बिहार में महागठबंधन की सरकार है, जिसमें राजद के अलावा कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल भी शामिल हैं। यदि तेज प्रताप का यह सियासी “खेला” और विवाद बढ़ता है, तो इसका असर महागठबंधन की स्थिरता पर भी पड़ सकता है।

 

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