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Parliament Session Live: तमिलनाडु में भाषा विवाद को लेकर लोकसभा में हंगामा, सरकार पर बरसी डीएमके

तमिलनाडु
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kanwhiz Times
  • Updated: March 10, 2025

कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। आज संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में तमिलनाडु में हिंदी थोपे जाने के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के सांसदों ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन के बीच में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के माध्यम से हिंदी को अनिवार्य करने की कोशिश की जा रही है, जो तमिलनाडु की भाषाई पहचान पर हमला है l

इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डीएमके पर जनता को गुमराह करने और तमिलनाडु के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि NEP में हिंदी थोपने का कोई प्रयास नहीं है, और डीएमके नेताओं द्वारा किए गए आरोप निराधार हैं।

यह विवाद पिछले कुछ महीनों से जारी है, जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने हिंदी थोपे जाने के खिलाफ चेतावनी दी है और राज्य में ‘भाषाई युद्ध’ की संभावना जताई है। उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु अपनी भाषाई पहचान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।

सांसदों के इस प्रदर्शन के कारण लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की फिर से शुरुआत के बाद, स्पीकर ओम बिरला ने सभी सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

यह मुद्दा केवल संसद तक सीमित नहीं है; तमिलनाडु में इस पर व्यापक राजनीतिक चर्चा जारी है। राज्य सरकार ने आगामी लोकसभा सीटों के परिसीमन के संबंध में भी केंद्र सरकार से वार्ता की है, क्योंकि राज्य में जनसंख्या नियंत्रण के कारण सीटों की संख्या में कमी का खतरा है। इस विषय पर 5 मार्च को एक सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की गई थी।

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