कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क,लखनऊ। रथ सप्तमी 2025 में पूजा के महत्व को बढ़ाने के लिए विशेष आरतियाँ होती हैं। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है, और खासकर “रथ सप्तमी आरती” का महत्व है। यह आरती सूर्य देव के प्रति समर्पण और आभार व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका है। इसे सही तरीके से और श्रद्धा से गाने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
रथ सप्तमी की पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. सुर्य देव का ध्यान: पूजा के दौरान सूर्य देव का ध्यान करें और उनके उज्ज्वल प्रकाश के प्रतीक के रूप में दीप जलाएं।
2. आरती का महत्व: रथ सप्तमी की आरती का गायन सूर्य देव के आशीर्वाद को प्राप्त करने का एक प्रभावी तरीका है। इसे पूरे श्रद्धा भाव से गाएं। यह आरती सूरज देव के प्रति समर्पण और आभार का प्रतीक है।
3. उबटन और स्नान: इस दिन उबटन और स्नान का विशेष महत्व होता है। सूर्योदय से पहले उबटन और स्नान करने से शारीरिक और मानसिक शुद्धता प्राप्त होती है।
4. व्रत और उपवास: रथ सप्तमी के दिन व्रत रखने का प्रचलन है, जो सूर्य देव की कृपा पाने का एक तरीका माना जाता है।
5. सूर्य देव को अर्घ्य: पूजा के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य देना जरूरी है। यह एक पारंपरिक तरीका है सूर्य देव को सम्मानित करने का।
