कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को राहत देते हुए भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 में संशोधन किया है, जिससे कम भूमि पर भी बड़े निर्माण संभव हो गए हैं। इस संशोधन के तहत, एमएसएमई उद्योगों को 500 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर 20% अधिक बिल्ट-अप एरिया की अनुमति दी गई है। इससे पहले, 1000 वर्गमीटर के प्लॉट पर 60% बिल्ट-अप एरिया मान्य था, जिसे अब बढ़ाकर 75% कर दिया गया है। वहीं, 500 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर बिल्ट-अप एरिया को बढ़ाकर 80% कर दिया गया है। 10,000 वर्गमीटर से बड़े प्लॉट पर अब भू-आच्छादन 65% मान्य होगा। एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में भी राहत दी गई है; 10,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट के लिए एफएआर को बढ़ाकर 2 कर दिया गया है। फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण के लिए 2.5 एफएआर मान्य किया गया है। इसके अलावा, 12.50 मीटर की ऊँचाई वाली औद्योगिक भवनों के निर्माण में सेटबैक मानकों में भी ढील दी गई है। अब 100 वर्गमीटर के प्लॉट पर 3 मीटर की बजाय 2 मीटर का सेटबैक छोड़ना होगा।
इस फैसले से छोटे और मध्यम उद्योगों को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कम भूमि पर अधिक निर्माण करने में सहायता मिलेगी, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
