हरारे। वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक शतकीय पारी और भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रनों से शिकस्त देकर अंडर-19 विश्व कप 2026 का खिताब छठी बार अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही हरारे में तिरंगा शान से लहराया।
412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और पांचवें ओवर में जोसेफ मूर्स (17) पवेलियन लौट गए। इसके बाद बेन मेयस और बीजे डॉवकिंस ने दूसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की। हालांकि 13वें ओवर में खिलन पटेल ने बीजे डॉवकिंस को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी। डॉवकिंस ने 28 गेंदों में सात चौके और दो छक्कों की मदद से 45 रन बनाए।
इंग्लैंड के कप्तान थॉमस रियू (31) को कनिष्क चौहान ने आउट किया। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार झटके देकर मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। रलफी एलबर्ट शून्य पर रनआउट हुए, जबकि फरहान अहमद (1) और सेबेस्टियन मॉर्गन (0) को दीपेश देवेंद्रन ने पवेलियन भेजा। कैलेब फाल्कनर ने इंग्लैंड के लिए संघर्ष करते हुए 115 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं जेम्स मिंटो ने 28 रन बनाए, लेकिन टीम 40.2 ओवर में 311 रन ही बना सकी और 100 रनों से मुकाबला हार गई। भारत की ओर से दीपेश देवेंद्रन, अम्ब्रिश और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके, जबकि खिलन पटेल और आयुष म्हात्रे को एक-एक सफलता मिली।
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी से भारत ने खड़ा किया पहाड़ जैसा स्कोर
इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने नौ विकेट के नुकसान पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। पारी की शुरुआत भले ही एरन जॉर्ज (9) के जल्दी आउट होने से खराब रही, लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे ने पारी को संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 142 रनों की तेज साझेदारी हुई। आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में सात चौके और दो छक्कों की मदद से अर्धशतक जमाया और 19वें ओवर में आउट हुए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने एक छोर से चौकों-छक्कों की बरसात जारी रखी और मात्र 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 80 गेंदों में 15 चौके और 15 छक्कों की मदद से 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान वह अंडर-19 क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इतना ही नहीं, वैभव सूर्यवंशी ने यूथ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 1412 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया और विजय जोल का 1404 रनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
वैभव के आउट होने के बाद भारतीय पारी की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई और विहान मल्होत्रा (36), अम्ब्रिश (18) और खिलन पटेल (3) आउट हुए। अभिज्ञान कुंडु ने 31 गेंदों में 40 रनों की उपयोगी पारी खेली। पारी के अंतिम ओवर में कनिष्क चौहान ने 18 रन बटोरते हुए भारत का स्कोर 400 के पार पहुंचाया। उन्होंने 20 गेंदों में तीन चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 37 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो ने तीन विकेट लिए, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन को दो-दो सफलताएं मिलीं।
