लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी लक्ष्य को साकार करने के लिए गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से भारत–नेपाल सीमा से सटे थारू बहुल क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गुरुवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा जनसेवा और सामाजिक सरोकार का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसके अंतर्गत महाराजगंज, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर, पीलीभीत, श्रावस्ती और बहराइच जिलों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 6 से 8 फरवरी तक चलने वाले इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जरूरतमंद लोगों का निःशुल्क उपचार किया जाएगा। इस अवसर पर चिकित्सकों की टीम को संबंधित जिलों के लिए रवाना करने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही डॉक्टरों को विश्व की सबसे छोटी “स्पंदन ईसीजी मशीन” भी वितरित की गई।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यह ईसीजी मशीन बिना बैटरी और इंटरनेट के भी कार्य करने में सक्षम है, जिससे दूर-दराज़ और सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित व सटीक जांच संभव हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का आयोजन नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (अवध एवं गोरक्ष प्रांत) और श्रीगुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के सहयोग से किया गया।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि सेवा, समर्पण और नवाचार से जुड़ी यह पहल “सबका स्वास्थ्य, सबका सम्मान” के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने इस अभियान से जुड़े सभी चिकित्सकों, आयोजकों और स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए कार्यक्रम की सफलता की कामना की।
