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उत्तर प्रदेश बना बाढ़ प्रबंधन का मॉडल राज्य, 2017 से अब तक 3.72 करोड़ लोगों को मिली राहत

Uttar Pradesh has emerged as India’s model state in flood management, providing flood protection to 37.2 million people since 2017 through large-scale flood control projects, embankments, and improved drainage systems.
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: February 8, 2026

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन के क्षेत्र में देशभर में एक आदर्श स्थापित किया है। वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं, तटबंधों के निर्माण और सुरक्षित क्षेत्रों के विस्तार के माध्यम से करोड़ों लोगों को बाढ़ के खतरे से राहत मिली है।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्ष 2017-18 से 2025-26 के बीच प्रदेश के आठ प्रमुख नदी बेसिन—गंगा, यमुना, गंडक, सरयू, रामगंगा, राप्ती-रोहिन, सोन और गोमती—के डूब क्षेत्रों में कुल 1,950 बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 3.72 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रूप से बाढ़ से सुरक्षा प्राप्त हुई है।

इसी अवधि में 523 तटबंधों का निर्माण किया गया, जिससे करीब 3,869 किलोमीटर क्षेत्र सुरक्षित हुआ है। इनमें अतिसंवेदनशील और संवेदनशील तटबंध भी शामिल हैं। इन प्रयासों का सीधा लाभ बलिया, गोरखपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर जैसे बाढ़ प्रभावित जिलों को मिला है, जहां कटान और जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

प्रदेश में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। वर्ष 2025-26 के दौरान गोंडा, बिजनौर, हापुड़, बहराइच और मिर्जापुर में नए ड्रेजिंग कार्यों को मंजूरी दी गई है। बाढ़ से सुरक्षित क्षेत्रों और लाभान्वित आबादी में लगातार हो रही वृद्धि योगी सरकार की जनकेंद्रित, दूरदर्शी और जवाबदेह नीति को दर्शाती है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश आज बाढ़ प्रबंधन के क्षेत्र में देश का मॉडल राज्य बनकर उभरा है।

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