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एआई युवा पीढ़ी की सोच पर प्रहार या वरदान? लखनऊ में वाद-विवाद

लखनऊ के केकेसी कॉलेज में 'क्या एआई युवा पीढ़ी की सोच पर प्रहार है?' विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। स्वच्छम सिंह रहे विजेता।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: September 30, 2026

एआई युवा पीढ़ी की सोच पर प्रहार या वरदान? लखनऊ में विद्यार्थियों ने रखे तर्क

केकेसी कॉलेज में वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्वच्छम सिंह प्रथम; डैनज़ेल ऑस्कर सिंह व अंकिता सिंह संयुक्त द्वितीय

कैनविज टाइम्स संवाददाता

लखनऊ। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज के दौर में शिक्षा, रोजगार और रचनात्मकता, हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। इसी बहस को मंच देते हुए नेचुरल टच वेलफेयर सोसाइटी और श्री जय नारायण मिश्र पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज (केकेसी) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय था, 'क्या एआई युवा पीढ़ी की सोच पर प्रहार है?'

पक्ष और विपक्ष में रखे गए तर्क

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने एआई के युवा पीढ़ी की सोच, रचनात्मकता और भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी। प्रतिभागियों ने तथ्यों और उदाहरणों के माध्यम से विषय के अलग-अलग पहलुओं को सामने रखा और श्रोताओं को सोचने पर मजबूर किया।

आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने के साथ ही समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

विजेताओं को मिले पदक

प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:

  • प्रथम स्थान (स्वर्ण पदक): स्वच्छम सिंह
  • द्वितीय स्थान (रजत पदक, संयुक्त): डैनज़ेल ऑस्कर सिंह और अंकिता सिंह
  • तृतीय स्थान (कांस्य पदक): श्रद्धा पांडे

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में नेचुरल टच वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष स्मृति शर्मा और सचिव प्रदीप शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. अलका शर्मा और प्रो. गिरिजेश त्रिपाठी ने किया।

 

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