लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। 85 मिनट लंबे बजट भाषण में सरकार ने 'विकसित भारत' के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए आर्थिक मजबूती, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रीन एनर्जी और मानव संसाधन विकास को प्राथमिकता दी। हालांकि आम करदाताओं को इनकम टैक्स स्लैब में किसी तरह की सीधी राहत नहीं दी गई, जिससे मध्यम वर्ग में हल्की निराशा भी देखने को मिली। संसद में प्रस्तुत हुए बजट सबकी अपनी अपनी अलग अलग प्रतिक्रिया सुनने को मिली, लखनऊ में बजट सुनने के बाद व्यापार मंडल और उनके पदाधिकारियों समेत अन्य लोगों की प्रतिक्रिया।
व्यापारी केवल टैक्स देने वाला वर्ग न रहे, बल्कि उसे भी सामाजिक सुरक्षा के अधिकार दिए जाए :- भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल

वित्त मंत्री द्वारा देश का आम बजट प्रस्तुत होने पर उसे व्यापारियों ने एकजुट होकर गंभीरता से सुना तथा उस पर सार्थक विचार विमर्श कर अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की गई। जिसमें भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल ने सरकार से स्पष्ट और ठोस माँग रखी कि अब व्यापारी केवल टैक्स देने वाला वर्ग न रहे, बल्कि उसे भी सामाजिक सुरक्षा के अधिकार दिए जाएँ। व्यापारियों ने अपनी मांगो के बारे में कहा कि व्यापारियों के लिए भविष्य निधि योजन, पेंशन योजना, व्यापारियों एवं उनके परिवार के लिए 25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा की मांग रखी। मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जब व्यापारी सुरक्षित होगा, तभी व्यापार, रोज़गार और राष्ट्र सशक्त होगा। सरकार को बजट में व्यापारियों के लिए भी स्थायी और प्रभावी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की घोषणा करनी चाहिए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विवेक शुक्ला, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज दीक्षित, प्रदेश मंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल रावत, प्रदेश उप मंत्री आर.के. सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री एस.के. मिश्रा, जिला अध्यक्ष अवधेश विश्वकर्मा, नहर रोड अध्यक्ष विजय गुप्ता, अजनहर रोड अध्यक्ष अमरेश प्रताप सिंह, नहर रोड कोषाध्यक्ष दिवाकर पांडे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह बजट समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित है :- अनिल दुबे

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने 2026–27 के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह विकसित भारत का बजट है जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट किसान नारी शक्ति और नौजवानों को समर्पित बजट है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह बजट देश के प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाने तथा समाज के हर वर्ग के कल्याण को सुनिश्चित करने तथा देश की आर्थिक स्थिति की वृद्धि को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा यह बजट समाज के हर वर्ग विशेष कर अन्नदाताओं, नौजवानों, महिलाओं और शोषित वंचित उत्थान के लिए समर्पित है और किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण बुनियाद को मजबूत करने का काम करेगा।
यह बजट विकसित भारत के संकल्प को अमली जामा पहनाने वाला बजट है, इस दूरदर्शी बजट का स्वागत करता हूं :- डॉ नीरज बोरा, विधायक

बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक डॉ नीरज बोरा ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 विकसित भारत के संकल्प को ठोस और व्यावहारिक आधार देता है। यह ऐतिहासिक रूप से पेपरलेस और हाईटेक बजट है, जिसमें दवाई और पढ़ाई जैसे बुनियादी क्षेत्रों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सड़क, रेल और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। बजट में युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए कौशल विकास, रोजगारपरक योजनाओं तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जो भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और सशक्त बनाएंगे। राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए समावेशी और लोक हितैषी विकास की दिशा में यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को अमली जामा पहनाने वाला है। मैं इस दूरदर्शी बजट का स्वागत करता हूं।
सरकार की पूर्व नीतियों को आगे बढ़ाने, भविष्य की दिशा तय करने और व्यापार व उद्योग के लिए सकारात्मक बजट :- अमरनाथ मिश्रा

बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सरकारों के साथ एफटीए समझौतों के बाद सरकार द्वारा उत्पाद एवं संबंधित शुल्कों में दी गई छूट से चमड़ा, जूता, कपड़ा सहित अन्य निर्यात क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्राप्त होगी। रक्षा क्षेत्र में उपयोग होने वाली वस्तुओं पर उत्पाद शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना तर्कसंगत निर्णय है, जिससे रक्षा उत्पादन लागत में कमी आएगी। सरकार द्वारा 17 जीवन रक्षक दवाओं पर आयात शुल्क में कमी कर कैंसर, शुगर, बी.पी. सहित गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को राहत प्रदान की गई है। साथ ही बायो-फार्मा क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये के प्रावधान से दवा निर्माण उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा। एनआरआई को निवेश की छूट से निवेशकों को लाभ होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं उन्होंने मोटर दुर्घटना में मिलने वाले मुआवज़े को टैक्स-फ्री किए जाने के निर्णय को बड़ी राहत बताया। विदेश में अध्ययनरत छात्रों के खर्च पर लगने वाली टीसीएस कटौती को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करना स्वागतयोग्य कदम है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। कर विवादों के निस्तारण हेतु 5 करोड़ रुपये तक के मामलों में 20 प्रतिशत कर एवं 20 प्रतिशत पेनाल्टी जमा कर निस्तारण की व्यवस्था व्यापारियों के लिए राहतकारी है, जिससे मुकदमेबाजी कम होगी। सरकार द्वारा नेशनल वस्त्र, परिधान, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और मेगा टेक्सटाइल पार्क को बढ़ावा देने की घोषणाएं भारतीय उद्योगों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी। अमरनाथ मिश्र ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट सरकार की पूर्व नीतियों को आगे बढ़ाने वाला, भविष्य की दिशा तय करने वाला और व्यापार व उद्योग के लिए सकारात्मक बजट है।
बजट में व्यापारियों के लिए कुछ नहीं :- पवन मनोचा

बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि वन ट्रेड वन टैक्स जिससे जीएसटी का सरलीकरण संभव है एक ट्रेड में अलग अलग एचएसएन कोड, कर का स्लैब का अलग अलग होना हमे मुनीम बनाता है आज ही बजट में फिर से एमएसएमई की बात की गई किंतु ऑनलाइन पॉलिसी में एंट्री टैक्स की मांग नहीं सुनी गई, बल्कि उल्टा बढ़ावा देने की बात हो रही है जिसके कारण खुदरा व्यापार मंदी की मार झेल रहा है सोने-चाँदी पर बाजार की अस्तिर्था से सराफ़ा कारोबार लगातार चौपट हो रहा था इस पर भी नई पालिसी वाली हमारी माँग पर वित्त मंत्री ने हमे निराश किया है फिर से व्यापारियों के लिए कुछ नहीं है।
