कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि मोदी सरकार ने न्यायिक प्रक्रिया में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके। इन प्रयासों से न्यायपालिका की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और न्याय की प्रक्रिया तेज होगी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए निर्देश जारी किए हैं, लेकिन इन मामलों की संख्या में कमी नहीं आई है। अभी भी लगभग 5,000 आपराधिक मामले लंबित हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं।
इस संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अदालतों की स्थापना और मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए निर्देश दिए हैं। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद, लंबित मामलों की संख्या में कमी नहीं आई है। केंद्रीय मंत्री के बयान से यह स्पष्ट होता है कि सरकार न्यायिक सुधारों के प्रति गंभीर है, लेकिन लंबित मामलों की संख्या में कमी लाने के लिए और अधिक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
