कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। गन्ना भवन मे सीआईसी बैठक का आयोजन किया गया बैठक मे सर्वप्रथम तौल लिपिकों का ई लॉटरी सिस्टम से ऑनलाइन स्थानांतरण किया गया है। स्थानांतरण की लिस्ट महाप्रबंधक गन्ना एवं मुख्य गन्ना अधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी। इसके साथ ही सभी चीनी मिल प्रतिनिधियों को निर्देश दिये गये कि वह नवीनतम सूची के अनुसार तौल लिपिकों की नियुक्ति करे।वर्तमान मे एलएच चीनी मिल एवं बीसलपुर चीनी मिल पूरी क्षमता के साथ पेराई कर रही है l पूरनपुर एवं बरखेड़ा चीनी मिल अपने आवंटित क्षेत्र का गन्ना पेराई कर बंद हो चुकी है। जिले मे अब तक 222.42 लाख कुं गन्ना खरीद की जा चुकी है। कुल 136024 आपूर्तिकर्ता कृषकों ने चीनी मिलो को समितियों के माध्यम से गन्ना आपूर्ति की है।जिले मे आज तक कुल 21.16 ला.कु. चीनी एवं 10.59 ला.कु. शीरा का उत्पादन किया गया है। जिले मे आज तक 11331 हे.बसंतकालीन गन्ना बुवाई हो चुकी है।
वर्तमान मे गन्ना बुवाई का कार्य प्रगति पर है।गन्ना किसानो को बिभिन्न संस्थानों से नवीनतम किस्मो का गन्ना बीज लाकर दिया जा रहा है।वैसे तो बसंतकालीन गन्ना बुवाई का समय 15 फरवरी से 30 मार्च तक सबसे उपयुक्त माना जाता है।क्योकि इस समय का तापक्रम गन्ना बीज के जमाव के लिए सबसे अच्छा होता है। गन्ना के बेहतर जमाव के लिए 27 से 33° सेंटिग्रेड का तापक्रम बहुत अच्छा होता है।बैठक मे उपस्थित सभी चीनी मिल प्रतिनिधियों एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षको को ख़ुशी राम भार्गव जिला गन्ना अधिकारी पीलीभीत द्वारा निर्देश दिये गये कि गन्ना बुवाई की सूचना प्रतिदिन कार्यालय मे उपलब्ध कराये। जो किसान गेंहूँ की कटाई करने के बाद गन्ना बोयेगे उनके लिए खेतो मे बीज आरक्षित कराये। बीज विक्रेता किसानो की सूची तैयार कर ले तथा गन्ना पर्वेक्षक के माध्यम से इसका सत्यापन भी करा ले।जो किसान जितना बीज किसानो मे बिक्री करेंगे उतने बीज की मात्रा को उनके बेसिक कोटा मे जोड़ दिया जायेगा।बैठक मे चीनी मिल बीसलपुर, पीलीभीत, गुलरिया, बरखेड़ा के प्रतिनिधि, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पीलीभीत, बीसलपुर, मझोला एवं सचिव पीलीभीत, बीसलपुर उपस्थित रहे है।
