कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। रूपईडीह विकास खंड क्षेत्र में भ्रष्टाचार चरम पर है। यहां विकास के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है। इस खेल में ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारियों की भी संलिप्तता बताई जाती है। क्षेत्र की ग्राम पंचायत भैरमपुर में बिना काम कराए ही लाखों रूपए डकार लिए जाने का मामला सामने आया है। मौके पर ईंट तक नहीं लगाई गयी, जबकि इंटरलॉकिंग दिखाकर धन डकार लिया गया।
जिले के रूपईडीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत भैरमपुर में ग्राम प्रधान ने पंचायत सचिव व ब्लॉक के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की साठगांठ से बिना काम कराए ही लाखों रूपए का वारा-न्यारा कर डाला। ग्राम पंचायत द्वारा जहां इंटरलॉकिंग का काम दिखाया गया है, वहां इंटरलॉकिंग तो दूर, ईंट तक नहीं है। यहां वास्तविकता के धरातल पर विकास के नाम पर खुलेआम सरकारी धन की बंदरबांट की गयी है। भैरमपुर ग्राम पंचायत में विश्वनाथ के घर से अभिलाष के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर जब पत्रकारों की टीम पहुंची तो वहां की हकीकत देखकर दंग रह गयी। जहां इंटरलॉकिंग का काम दिखाया गया है, वहां इंटरलॉकिंग तो दूर, खड़ण्जा तक नहीं दिखाई दिया। गांव वालों ने बताया कि यहां इंटरलॉकिंग के नाम पर सिर्फ कागजों में काम दिखाया गया है। वहीं दूसरी तरफ, शिवनाथ के घर से अमिरका के घर तक इंटरलॉकिंग का कार्य दिखाया गया है, लेकिन यहां भी मौके पर इंटरलॉकिंग नहीं मिला। सिर्फ कागजों पर काम दिखाकर लाखों रूपए निकाल लिए गए हैं। भैरमपुर के रहने वाले शिवकुमार पुत्र स्वर्गीय अयोध्या प्रसाद व ओमप्रकाश पुत्र स्वर्गीय राजेश्वरी प्रसाद ने बताया कि उनके द्वारा इस संबंध में खंड विकास अधिकारी से शिकायत की गयी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा बड़का पुरवा पक्की सड़क के बीच गांव से होते हुए मंगल पासी के घर से होकर नहर तक इंटरलॉकिंग कार्य 2014-2015 में विधायक निधि से कराया गया था, लेकिन इसी कार्य को ग्राम प्रधान ने तीन खंडों में क्रमशः सीसी रोड से सुंदर लाल के घर तक इंटरलॉकिंग व हसनू के घर से मेन रोड तक तथा रामप्रसाद के घर से सीसी रोड तक इंटरलॉकिंग कार्य दर्शाते हुए फर्जी तरीके से बिना काम कराए ही लाखों रूपए भुगतान करा लिया गया है। वर्ष 2019-20 में पीडब्ल्यूडी रोड से सुखराज के घर तक होते हुए शमसुद्दीन के मकान तक सीसी रोड का भुगतान ग्राम प्रधान द्वारा करा लिया गया। इसी तरह वर्ष 2020-21 में पुनः पीडब्ल्यूडी रोड से सुखराज के घर से होते हुए इंटरलॉकिंग रोड तक सीसी रोड दिखाकर फर्जी तरीके से भुगतान ले लिया गया। इतना ही नहीं, वर्ष 2016-17 में विधायक द्वारा प्राथमिक विद्यालय से सीसी रोड नंदकुमार मिश्रा के घर तक इंटरलॉकिंग का काम कराया गया था। इसका भी भुगतान ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2016-17 में इंटरलॉकिंग सीसी रोड से नंदकुमार के घर तक दिखाकर बिना कार्य कराए ही भुगतान करा लिया गया है।
क्या कहते हैं डीडीओ
इस संबंध में जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यदि ऐसा है तो यह बहुत ही गंभीर है। डीआरडीए से जानकारी ली जाएगी। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
