कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक बड़ी बयानबाजी करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ भारतीय सरकार की कार्रवाइयों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब जंगलों में खत्म हो रहा है, लेकिन इसकी जड़ें शहरी केंद्रों में धीरे-धीरे फैल रही हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां नक्सलवाद और अन्य आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, खासकर शहरी इलाकों में जहां इन विचारधाराओं को समर्थन मिलता है।
नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई:
पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ने नक्सलवाद को जंगलों से पूरी तरह से साफ करने के लिए कड़ी कार्रवाई की है। अब यह समस्या नगरीय इलाकों में बढ़ने लगी है, जहां कुछ संगठन और विपक्षी दल नक्सलियों के विचारों को समर्थन दे रहे हैं।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं, जैसे सुरक्षा बलों की बेहतर ट्रेनिंग और समन्वय, जबकि विकास कार्यों को तेज किया गया है ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और समृद्धि लाई जा सके।
विपक्ष पर तीखा हमला:
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल नक्सलवादी विचारधारा को बढ़ावा देने के बजाय, शहरी केंद्रों में इसे न केवल सहारा दे रहे हैं, बल्कि इसके जरिए अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी पार्टियां नक्सलियों के समर्थन में बोलने से बचने की बजाय, उनकी आलोचना करने का साहस नहीं दिखातीं।
विकास और सुरक्षा की ओर जोर:
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद से निपटने के साथ-साथ विकास की प्रक्रिया पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है, ताकि वहां के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें और नक्सलवाद की बजाय विकास की ओर बढ़ सकें।
