कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 10 फरवरी 2025 को गुजरात पुलिस द्वारा कांग्रेस राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए। यह एफआईआर सोशल मीडिया पर एक कविता पोस्ट करने के मामले में दर्ज की गई थी। अंतरिम राहत के तहत, एफआईआर पर आगे की कार्रवाई पर रोक जारी रहेगी।
जस्टिस एएस ओका की अगुवाई वाली बेंच ने प्रतापगढ़ी द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए कहा, "पुलिस ने कविता का अर्थ समझने में गलती की।" उन्होंने राज्य सरकार की ओर से पेश वकील स्वाति घिल्डियाल से कहा, "कृपया कविता को देखें।" जस्टिस ओका ने आगे कहा, "यह अंततः एक कविता है। यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। यह कविता अप्रत्यक्ष रूप से कहती है कि भले ही कोई हिंसा में लिप्त हो, हम हिंसा में लिप्त नहीं होंगे।"
इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने 17 जनवरी 2025 को एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि जांच अभी बहुत प्रारंभिक चरण में है और प्रतापगढ़ी ने जांच प्रक्रिया में असहयोग किया है।
