Search News

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और डॉ. कुमार विश्वास ने संगम में लगाई डुबकी

SSS
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Santosh Yadav
  • Updated: January 21, 2025


 

संतोष यादव 
महाकुंभ  संगम घाट पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के साथ संगम के पवित्र जल में पुण्य की डुबकी लगाई। इस अवसर पर मंत्री नंदी ने प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व राष्ट्रपति और डॉ. कुमार विश्वास का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी पत्नी और पुत्री के साथ संगम की पवित्र त्रिवेणी में स्नान किया। इस दौरान मंत्री नंदी ने स्वयं उनका हाथ पकड़कर स्नान में सहयोग किया। स्नान के बाद मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने सपरिवार मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पूजा-अर्चना की। उन्होंने महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक धरोहर और सांस्कृतिक समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण है।

पत्रकारों से बातचीत में पूर्व राष्ट्रपति ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की अवधारणा को देश के आर्थिक विकास के लिए गेम चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश की जीडीपी और आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार होगा।

इस अवसर पर डॉ. कुमार विश्वास ने मां गंगा का जयकारा लगाते हुए स्नान किया। उन्होंने गंगा के महात्म्य पर अपनी कविता से सबको मंत्रमुग्ध करते हुए कहा कि 
"तपस्वी राम के चरणों चढ़ी उपहार तक आई,
हमारी मां हमारे लोक के स्वीकार तक आई।"

उन्होंने कहा कि महाकुंभ का यह आयोजन 144 वर्षों के बाद आया दुर्लभ संयोग है, जो भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में प्रेरणा देगा। उन्होंने सभी से राजनीतिक भेदभाव भूलकर इस सर्वसमावेशी आयोजन में भाग लेने का आह्वान किया।

स्नान के पश्चात पूर्व राष्ट्रपति और डॉ. कुमार विश्वास ने महाकुंभ नगर के सेक्टर 24 में नंदी सेवा संस्थान के शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रयागराज की पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पूर्व राष्ट्रपति का स्वागत किया।

मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि महाकुंभ 2025 भारत की संस्कृति, आस्था और एकता का प्रतीक है। संत, श्रद्धालु और हर वर्ग के लोग इसमें शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बना रहे हैं।

डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का सार है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक समरसता का परिचायक है, जो पूरे विश्व को एक नई दिशा देगा।

 

Breaking News:

Recent News: