कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। इस पहल के तहत, महाकुंभ की 10,000 से अधिक अमिट निशानियां रूस, जर्मनी, फ्रांस, इजरायल और इटली भेजी गई हैं। इन निशानियों में प्रयागराज के प्रसिद्ध अमरूद, बेल और केले के पौधे शामिल हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन पौधों के माध्यम से प्रयाग के स्वाद का अनुभव कर सकें।
इस पहल को हरित महाकुंभ के रूप में देखा जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष समेत समस्त महामंडलेश्वरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल की सराहना की है।
महाकुंभ नगर में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को महाप्रसाद के रूप में फलदार पौधों के साथ नीम और तुलसी के पौधे भी वितरित किए गए। इस अवसर पर श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में अचला सप्तमी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें साधु-संतों और श्रद्धालुओं को पौधों के साथ एक थैला और एक थाली भी दी गई।
इस पहल से महाकुंभ की यादें न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी जीवित रहेंगी, और प्रयागराज की सांस्कृतिक धरोहर का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा।
