कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।महाकुंभ मेला में हुई भगदड़ में 17 लोगों की मौत और कई लोग घायल होने की घटना के बाद देशभर में शोक और चिंता का माहौल है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक घंटे के भीतर दूसरी बार संपर्क किया। उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली और इस कठिन समय में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी घटना को लेकर स्थिति की जानकारी ली और प्रशासन से संपर्क किया।
PM मोदी का निर्देश:
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर संभव कदम उठाया जाए ताकि घायलों को तुरंत उपचार मिले और मृतकों के परिवारों को राहत दी जा सके। उन्होंने CM योगी को निर्देश दिया कि राज्य सरकार सभी सुविधाएं मुहैया कराए और राहत कार्य में कोई कसर न छोड़ी जाए।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके कहा, “महाकुंभ में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त करता हूं। उत्तर प्रदेश सरकार को हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया गया है। मैं घायलों की शीघ्र स्वस्थता की कामना करता हूं।”
गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा का रुख:
गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना के बाद स्थिति पर निगरानी रखने के लिए गृह मंत्रालय से संपर्क किया और उत्तर प्रदेश सरकार को हर तरह की सहायता देने की बात कही। शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और सभी सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत कार्य में सहयोग करें।
इसके साथ ही, जेपी नड्डा ने भी ट्वीट करते हुए कहा, “महाकुंभ मेला में हुई घटना पर हम गहरे शोक में हैं। प्रशासन से लगातार स्थिति की जानकारी ली जा रही है और सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे स्थानीय प्रशासन की मदद करें और घायल लोगों की मदद के लिए आगे आएं।
राहत कार्य और सुरक्षा के कदम:
भगदड़ के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कई घायल श्रद्धालुओं को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। प्रशासन ने संगम नोज क्षेत्र में जाने वाली रास्तों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है और यात्रियों से संयम बरतने की अपील की है।
गृह मंत्रालय का बयान:
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हमारी प्राथमिकता घायलों की मदद और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देना है। घटना के बाद तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।”
घायलों की हालत:
घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिला प्रशासन और चिकित्सा टीमों द्वारा पूरी स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में विशेष चिकित्सा दलों को तैनात किया गया है और डॉक्टरों की टीमों को तैयार रखा गया है ताकि हर घायल को शीघ्र उपचार मिल सके।
संगम क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा:
संगम क्षेत्र में भीड़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से कड़ा कर दिया गया है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
