लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। शिया पीजी कॉलेज के विधि संकाय स्थित विधिक सहायता केंद्र और लॉ लिशियस लीगल कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को महिलाओं से संबंधित कानूनों की पर्याप्तता विषय पर अंतर महाविद्यालयीय एवं विश्वविद्यालयीय भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतियोगिता में विभिन्न कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के 50 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का विषय “भारत में महिलाओं से संबंधित कानून काफी हैं या नाकाफी?” रहा। प्रतिभागियों ने महिलाओं से जुड़े कानूनों, उनके प्रभाव और व्यावहारिक चुनौतियों पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता तीन चरणों—प्रथम चरण, सेमीफाइनल और फाइनल—में हुई। विधिक सहायता केंद्र के निदेशक डॉ. वहीद आलम ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में तार्किक एवं प्रभावी अभिव्यक्ति का विकास होता है। उप निदेशक डॉ. उग्रसेन वर्मा और डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। लॉ लिशियस लीगल कमेटी के फाउंडर विवेक दीक्षित ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। प्रतियोगिता में आकांक्षा मिश्रा ने प्रथम, निर्भय सिंह ने द्वितीय और निदा खान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल में अधिवक्ता अगाथा शुक्ला, सिद्धार्थ शंकर दुबे, अमन त्रिपाठी, हरिगोविंद दुबे, सृष्टि पाठक और शताक्षी द्विवेदी शामिल रहे। कार्यक्रम में हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के अधिवक्ता नीतीश तिवारी और सौम्या तिवारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्राचार्य/इंचार्ज विधि संकाय प्रो. (डॉ.) एसएस सादिक हुसैन आबिदी ने अतिथियों का आभार जताया। संचालन युसरा खान और शरवीन सैय्यद ने किया।

