लखनऊ में मना 200वां गनर्स डे, रेजिमेंट ऑफ़ आर्टिलरी की दो सदियों की शान
लखनऊ। रेजिमेंट ऑफ़ आर्टिलरी ने लखनऊ में अपना 200वां गनर्स डे धूमधाम से मनाया। इस मौके पर देश के लिए बहादुरी, बलिदान, प्रोफेशनलिज़्म और शानदार सेवा के दो सदियों के सफर का जश्न मनाया गया।
स्मृतिका वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि
समारोह के तहत हेडक्वार्टर सेंट्रल कमांड के एमजी आर्टी, मेजर जनरल विक्रमजीत सिंह गिल ने रेजिमेंट के पूर्व सैनिकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्मृतिका वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान उन बहादुर गनर्स को नमन किया गया, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। साथ ही आर्टिलरी के उन सैनिकों की पीढ़ियों की शानदार विरासत को भी सम्मान दिया गया, जिन्होंने बेहतरीन तरीके से देश की सेवा की है।
GOC-in-C ने पूर्व सैनिकों से किया संवाद
भारतीय सेना की मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने पूर्व सैनिकों और सभी रैंक के जवानों से बातचीत की। आर्मी कमांडर ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे गनर समुदाय को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
बातचीत में उन्होंने साहस, प्रोफेशनलिज़्म और ऑपरेशनल एक्सीलेंस के प्रति रेजिमेंट की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने पूर्व सैनिकों के अमूल्य योगदान को भी माना, जिनकी सेवा, बलिदान और समृद्ध अनुभव गनर्स की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं।
भाईचारे का जश्न
यह सभा सेवारत कर्मियों और पूर्व सैनिकों के लिए फिर से जुड़ने का मौका बनी। इसमें उन मजबूत बंधनों का भी जश्न मनाया गया, जो रेजिमेंट की पहचान हैं। यह अवसर रेजिमेंट ऑफ़ आर्टिलरी की गौरवशाली विरासत और देश की सेवा में उत्कृष्टता के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
"सर्वत्र इज्जत-ओ-इकबाल" की विरासत
200वां गनर्स डे गनर के गौरव की दो सदियों और रेजिमेंट के सदाबहार आदर्श वाक्य "सर्वत्र इज्जत-ओ-इकबाल" से परिभाषित एक स्थायी विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा।
