कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हाल ही में हिंदी भाषा को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से हिंदी को जबरन थोपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा जारी रहा, तो राज्य एक और ‘भाषा युद्ध’ के लिए तैयार है।
इसके अतिरिक्त, लोकसभा परिसीमन के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, तमिलनाडु ने परिवार नियोजन कार्यक्रम में सफलता हासिल की है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर कम रही है। इससे राज्य को लोकसभा सीटों में आठ सीटों की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे संसद में राज्य का प्रतिनिधित्व घटेगा। इस विषय पर चर्चा के लिए 5 मार्च को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। 
इन बयानों के बाद, केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री स्टालिन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे राम को नहीं मानते और हिंदुओं का अपमान कर रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्री का नाम और विस्तृत बयान समाचार में उपलब्ध नहीं है।
यह विवाद तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, विशेष रूप से भाषा नीति और संसदीय प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर। आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
