यूपी में ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर तेज हुई कार्रवाई, 203 योजनाएं 30 सितंबर तक होंगी पूरी
रायबरेली और बलिया की शेष योजनाओं के लिए 30 नवंबर की डेडलाइन, आर्सेनिक-फ्लोराइड प्रभावित गांवों में भी काम अंतिम चरण में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में "हर घर नल से जल" योजना को और मजबूत करने के लिए जल निगम (ग्रामीण) ने निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को तय समय में पूरा करने की मुहिम तेज कर दी है। फिलहाल प्रदेश के 20 जिलों में 203 पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है, जिन्हें जल्द ग्रामीण परिवारों तक नियमित जलापूर्ति से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश
प्रभारी प्रबंध निदेशक जोगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति, ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था, पेयजल गुणवत्ता, वंचित गांवों को प्राथमिकता देने और आर्सेनिक-फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में तेज कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
20 जिलों में 203 योजनाएं, रायबरेली सबसे आगे
22 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार, प्रदेश के 20 जिलों में जल निगम (ग्रामीण) की कुल 203 योजनाएं निर्माणाधीन हैं:
- रायबरेली — 44 योजनाएं (सबसे अधिक)
- बलिया — 30 योजनाएं
- प्रतापगढ़ — 27 योजनाएं
प्रगति की स्थिति
- 49 योजनाएं — 50% तक पूर्ण
- 96 योजनाएं — 51% से 75% पूर्ण
- 58 योजनाएं — 75% से अधिक पूर्ण
अधिकांश जिलों को शेष योजनाएं 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि रायबरेली और बलिया की शेष योजनाओं के लिए 30 नवंबर 2026 की समयसीमा तय की गई है।
5 नए खंड कार्यालयों की तैयारी पर भी चर्चा
बैठक में जल निगम (ग्रामीण) के 5 नवनिर्मित खंड कार्यालयों — संभल, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, एटा और हमीरपुर — की कार्य-तैयारी को लेकर भी समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।
आर्सेनिक, फ्लोराइड और जेई/एईएस प्रभावित गांवों में प्रगति
| समस्या | कुल प्रभावित गांव | कार्य पूर्ण | शेष | डेडलाइन |
|---|---|---|---|---|
| आर्सेनिक | 738 | 574 | 164 | 30 सितंबर 2026 |
| फ्लोराइड | 1,460 | 963 | 497 | 30 सितंबर 2026 |
| जेई/एईएस | 1,146 | 821 | 325 | 30 सितंबर 2026 |
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि दूषित पाए गए पानी के नमूनों पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाए और जब तक संबंधित योजना पूरी न हो, तब तक डायरेक्ट पंपिंग के जरिए नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
क्यों अहम है यह पहल?
203 निर्माणाधीन योजनाओं के साथ-साथ आर्सेनिक, फ्लोराइड और जेई/एईएस प्रभावित गांवों में तेजी से चल रहे कार्य उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में "हर घर नल से जल" अभियान को नई मजबूती देंगे। विभाग का फोकस निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता और नियमितता सुनिश्चित करने पर टिका है।
