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यूपी: 203 ग्रामीण पेयजल योजनाएं 30 सितंबर तक पूरी होंगी

उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) 20 जिलों में 203 पेयजल योजनाएं तेजी से पूरा कर रहा है। रायबरेली, बलिया को 30 नवंबर तक की समयसीमा। जानें पूरी रिपोर्ट।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: August 23, 2026

यूपी में ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर तेज हुई कार्रवाई, 203 योजनाएं 30 सितंबर तक होंगी पूरी

रायबरेली और बलिया की शेष योजनाओं के लिए 30 नवंबर की डेडलाइन, आर्सेनिक-फ्लोराइड प्रभावित गांवों में भी काम अंतिम चरण में

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में "हर घर नल से जल" योजना को और मजबूत करने के लिए जल निगम (ग्रामीण) ने निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को तय समय में पूरा करने की मुहिम तेज कर दी है। फिलहाल प्रदेश के 20 जिलों में 203 पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है, जिन्हें जल्द ग्रामीण परिवारों तक नियमित जलापूर्ति से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश

प्रभारी प्रबंध निदेशक जोगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति, ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था, पेयजल गुणवत्ता, वंचित गांवों को प्राथमिकता देने और आर्सेनिक-फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में तेज कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।

20 जिलों में 203 योजनाएं, रायबरेली सबसे आगे

22 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार, प्रदेश के 20 जिलों में जल निगम (ग्रामीण) की कुल 203 योजनाएं निर्माणाधीन हैं:

  • रायबरेली — 44 योजनाएं (सबसे अधिक)
  • बलिया — 30 योजनाएं
  • प्रतापगढ़ — 27 योजनाएं

प्रगति की स्थिति

  • 49 योजनाएं — 50% तक पूर्ण
  • 96 योजनाएं — 51% से 75% पूर्ण
  • 58 योजनाएं — 75% से अधिक पूर्ण

अधिकांश जिलों को शेष योजनाएं 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि रायबरेली और बलिया की शेष योजनाओं के लिए 30 नवंबर 2026 की समयसीमा तय की गई है।

5 नए खंड कार्यालयों की तैयारी पर भी चर्चा

बैठक में जल निगम (ग्रामीण) के 5 नवनिर्मित खंड कार्यालयों — संभल, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, एटा और हमीरपुर — की कार्य-तैयारी को लेकर भी समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।

आर्सेनिक, फ्लोराइड और जेई/एईएस प्रभावित गांवों में प्रगति

समस्याकुल प्रभावित गांवकार्य पूर्णशेषडेडलाइन
आर्सेनिक73857416430 सितंबर 2026
फ्लोराइड1,46096349730 सितंबर 2026
जेई/एईएस1,14682132530 सितंबर 2026

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि दूषित पाए गए पानी के नमूनों पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाए और जब तक संबंधित योजना पूरी न हो, तब तक डायरेक्ट पंपिंग के जरिए नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

क्यों अहम है यह पहल?

203 निर्माणाधीन योजनाओं के साथ-साथ आर्सेनिक, फ्लोराइड और जेई/एईएस प्रभावित गांवों में तेजी से चल रहे कार्य उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में "हर घर नल से जल" अभियान को नई मजबूती देंगे। विभाग का फोकस निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता और नियमितता सुनिश्चित करने पर टिका है।

 

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