38 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने जाना नगर निगम लखनऊ की कार्यप्रणाली, मॉडल वार्ड से लेकर आईसीसीसी तक किया स्थलीय अध्ययन

लखनऊ।
डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी द्वारा आयोजित पीसीएस फेज-1 व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को 38 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने नगर निगम लखनऊ की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं परियोजनाओं का स्थलीय अध्ययन किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अगस्त से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
मॉडल वार्ड से शुरू हुआ अध्ययन भ्रमण
प्रशिक्षु अधिकारियों के अध्ययन भ्रमण की शुरुआत प्रातः 6:30 बजे नगर निगम जोन-4 के मॉडल वार्ड से हुई। यहां कचरा प्रबंधन के अंतर्गत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरा पृथक्करण एवं संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराया गया। नगर निगम अधिकारियों ने वार्ड स्तर पर स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्यप्रणाली से प्रशिक्षु अधिकारियों को अवगत कराया।
ट्रांसफर स्टेशन भैंसौरा का निरीक्षण
इसके बाद प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने जोन-4 स्थित ट्रांसफर स्टेशन भैंसौरा का भ्रमण किया। यहां कचरे के संग्रहण एवं हस्तांतरण की प्रक्रिया तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
भरवारा एसटीपी की कार्यप्रणाली से हुए अवगत
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने भरवारा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भी निरीक्षण किया। जलकल विभाग के अधिकारियों ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली एवं सीवेज उपचार से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
वेस्ट-टू-वंडर पार्क में देखा अपशिष्ट के रचनात्मक उपयोग का मॉडल
वेस्ट-टू-वंडर की अवधारणा को समझने के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों ने यूपी दर्शन पार्क का भ्रमण किया। यहां अपशिष्ट पदार्थों के रचनात्मक उपयोग एवं उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का स्थलीय अवलोकन किया गया।
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एवं कमांड सेंटर (आईसीसीसी) का अवलोकन
इसके बाद प्रशिक्षु अधिकारियों ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एवं कमांड सेंटर (आईसीसीसी) का निरीक्षण किया। यहां उन्हें तकनीक के माध्यम से नगरीय सेवाओं की निगरानी, विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग एवं शहर की व्यवस्थाओं के संचालन से संबंधित जानकारी दी गई।
जोन-3 कार्यालय में कर व्यवस्था की प्रस्तुति
भ्रमण के अगले चरण में प्रशिक्षु अधिकारियों ने नगर निगम के जोन-3 कार्यालय में कर से संबंधित कार्यों की प्रस्तुति का अवलोकन किया। अधिकारियों ने कर निर्धारण एवं कर संबंधी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
ऐशबाग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
अध्ययन भ्रमण के अंतिम चरण में प्रशिक्षु अधिकारियों ने जोन-2 स्थित ऐशबाग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। जलकल विभाग की ओर से प्लांट की कार्यप्रणाली, जल शोधन एवं जल आपूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी प्रदान की गई।
नन्द किशोर बनाए गए नोडल अधिकारी
नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर नगर निगम लखनऊ के कर निर्धारण अधिकारी नन्द किशोर को इस कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नामित किया गया था। उनके द्वारा सभी प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें नगर निगम की विभिन्न गतिविधियों, कार्य-प्रणाली एवं परियोजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई तथा भ्रमण के दौरान संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
