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यूपी में जिलावार निवेश लक्ष्य तय, मंत्री नंदी के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार हर जिले के लिए वार्षिक निवेश लक्ष्य तय करेगी। औद्योगिक विकास मंत्री नंदी ने इन्वेस्ट यूपी को निवेशक सुविधा मजबूत करने के निर्देश दिए।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: August 26, 2026

जिलावार निवेश लक्ष्य तय करेगा उत्तर प्रदेश, परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश

इन्वेस्ट यूपी को जिलावार लक्ष्य तय करने और निवेशक सहायता व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश: औद्योगिक विकास मंत्री 'नंदी'

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार अब हर जिले के लिए अलग-अलग वार्षिक निवेश लक्ष्य तय करने जा रही है। इसके साथ ही परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन के लिए उद्यमी मित्रों और जिला उद्योग केंद्र (DIC) अधिकारियों के प्रशिक्षण व कार्य-प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन भी किया जाएगा। यह निर्देश औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इन्वेस्ट यूपी, उद्यमी मित्रों और जीएम डीआईसी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए।

बैठक में राज्य मंत्री (संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास) जसवंत सिंह सैनी और अपर मुख्य सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग) आलोक कुमार भी मौजूद रहे। बैठक में निवेश की प्रगति, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निवेशक सुविधा व्यवस्था की गहन समीक्षा हुई। खास जोर इस बात पर रहा कि परियोजनाएं MoU से ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) और फिर उत्पादन तक तेजी से आगे बढ़ें, ताकि औद्योगिक विकास प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंच सके।

नंदी ने जिलावार निवेश लक्ष्य और तेज निवेशक सुविधा पर दिया जोर

मंत्री नंदी ने कहा, "यह समीक्षा बैठक केवल एक सामान्य बैठक बनकर न रह जाए। यह उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक तस्वीर, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और रोजगार की नई संभावनाओं पर सार्थक विमर्श का मंच बने और विकास की गति को आगे बढ़ाने के लिए ठोस दिशा तय करे।"

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अब केवल MoU पर हस्ताक्षर तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अब तक की उपलब्धियां एक नज़र में:

  • अब तक 4 GBC आयोजित हो चुकी हैं
  • ₹12 लाख करोड़ से अधिक की 16,000+ परियोजनाएं धरातल पर उतरीं
  • 5वीं GBC की तैयारियां जारी
  • प्रदेश की GSDP 2024-25 में बढ़कर ₹30.25 लाख करोड़ हुई
  • आगामी वर्षों का लक्ष्य: ₹39.8 लाख करोड़
  • राष्ट्रीय GDP में यूपी की हिस्सेदारी: 9.1%

मंत्री ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास को केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे या पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। प्रदेश में इस समय 33 लाख से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनसे करीब 38 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। इनमें 2.09 लाख से अधिक महिलाएं भी शामिल हैं।

कंपनी पंजीकरण में तेज बढ़ोतरी, बेहतर कारोबारी माहौल का संकेत

राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार का असर कंपनी पंजीकरण के आंकड़ों में साफ दिख रहा है। पहले जहां सालाना करीब 500 कंपनियां पंजीकृत होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 4,500 से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि उद्यमी मित्रों को सरकार और निवेशकों के बीच एक प्रभावी सेतु की भूमिका निभानी चाहिए, समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, और केवल निवेश की राशि पर नहीं बल्कि निवेशकों के विश्वास व संतुष्टि पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।

प्रशिक्षण और मूल्यांकन पर जोर, नए सेक्टरों को बढ़ावा

मंत्री नंदी ने इन्वेस्ट यूपी को उद्यमी मित्रों और GM DICs का नियमित प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलों में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और उभरती तकनीकों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में अपर मुख्य सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग) आलोक कुमार; सचिव उद्योग एवं CEO इन्वेस्ट यूपी विजय किरण आनंद; ACEO इन्वेस्ट यूपी प्रेरणा शर्मा और शशांक चौधरी; तथा ACEO UPSIDA दीक्षा जैन ने इन्वेस्ट यूपी, UPEIDA और UPSIDA की प्रगति एवं कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतियां दीं।

निष्कर्ष: 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर यूपी के कदम

उत्तर प्रदेश का औद्योगिक मॉडल अब निवेश प्रस्तावों के तेज क्रियान्वयन, रोजगार सृजन और स्थानीय उद्योगों को जोड़ने पर केंद्रित है। जिलावार लक्ष्य, बेहतर निवेशक सुविधा और मजबूत जमीनी क्रियान्वयन के जरिए राज्य अपने औद्योगिक आधार को व्यापक बनाते हुए 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

 

 

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