UP-जापान साझेदारी को नई गति: ₹600 करोड़ के यामानाशी फंड और 'जापान डेस्क' का ऐलान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश और जापान ने शुक्रवार को कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण, पर्यटन और जापानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) से जुड़े चार समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर कर अपनी साझेदारी को नई गति दी। इसके साथ ही यामानाशी प्रीफेक्चर ने उत्तर प्रदेश के MSME क्षेत्र को सहयोग देने के लिए ₹600 करोड़ के फंड की घोषणा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी निवेश को बढ़ावा देने के लिए Invest UP में समर्पित यामानाशी डेस्क स्थापित करने तथा JETRO और JICA के साथ नियमित समन्वय की भी घोषणा की। ये घोषणाएं लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित जापान-भारत बिजनेस नेटवर्किंग इवेंट में की गईं, जिसमें यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी, जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए।
₹600 करोड़ का यामानाशी फंड और समर्पित डेस्क से मजबूत होगी निवेश साझेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान के साथ साझेदारी को केवल निवेश चर्चाओं तक सीमित न रखकर इसे संरचित और दीर्घकालिक सहयोग में बदलना होगा। ₹600 करोड़ का यामानाशी फंड प्रदेश के MSMEs को सहयोग देगा, जबकि इन्वेस्ट यूपी में स्थापित होने वाला समर्पित यामानाशी डेस्क जापानी निवेशकों के लिए केंद्रित संपर्क माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, "जापान केवल उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण निवेश साझेदार ही नहीं, बल्कि हमारी विकास यात्रा का दीर्घकालिक सहयोगी है। हम इस संबंध को अधिक संरचित और परिणामोन्मुख बनाना चाहते हैं।" उन्होंने बताया कि यह सहयोग उत्तर प्रदेश को प्रमुख निवेश-विनिर्माण गंतव्य बनाने और 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
चार MoU से कौशल, पर्यटन, GCC और रोजगार सहयोग को मिला विस्तार
कार्यक्रम में चार अहम MoU का आदान-प्रदान हुआ:
- तकनीकी प्रशिक्षण: Invest UP और Technical Training & Research Centre, Kanpur के बीच कार्यबल विकास हेतु MoU। जापान में रोजगार पाने वाले तीन UP प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया।
- पर्यटन सहयोग: पर्यटन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच MoU, जिसका उद्देश्य जापानी पर्यटकों के बीच UP के बौद्ध और सांस्कृतिक स्थलों को बढ़ावा देना है।
- GCC विस्तार: Invest UP और यामानाशी के बीच MoU, जिससे राज्य में जापानी Global Capability Centres की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।
- कार्यबल विकास: श्रम विभाग और यामानाशी के बीच MoU, जो जापानी भाषा में दक्ष कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
हेल्थकेयर, फूड प्रोसेसिंग और ग्रीन एनर्जी में सहयोग के नए अवसर
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हेल्थकेयर सत्र में बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 47 से बढ़कर 83 से अधिक हो गई है। अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने प्रस्तावित 400 एकड़ के MedTech Park को जापानी निवेश के लिए संभावित क्षेत्र बताया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण सत्र में कहा कि जापानी तकनीक से UP की कृषि उपज को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में UPNEDA और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच अक्षय ऊर्जा सहयोग हेतु MoU हुआ, जबकि IIT कानपुर और IIT BHU के Centres of Excellence को शोध केंद्रों के रूप में रेखांकित किया गया।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कौशांबी और संकिसा को बौद्ध पर्यटन सर्किट के प्रमुख स्थलों के रूप में प्रस्तुत किया।
यामानाशी के साथ संस्थागत संबंधों को भी मिली नई मजबूती
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने जापानी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और यामानाशी विधानसभा के चेयरमैन हिदेनोरी मियामोतो ने यूपी-यामानाशी फ्रेंडली एक्सचेंज MoU पर हस्ताक्षर किए, जिसमें काशी और बौद्ध सर्किट को सांस्कृतिक कड़ी के रूप में रेखांकित किया गया।
इन नई पहलों से उत्तर प्रदेश-जापान संबंधों को MSME वित्त, निवेश, कौशल, पर्यटन, स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण और हरित ऊर्जा तक फैला व्यापक संस्थागत आधार मिला है।
