कम उम्र में निवेश शुरू करने से विकसित होता है वित्तीय अनुशासन
विद्यार्थियों को निवेश के तीन मूल मंत्र बताए
लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में शुक्रवार को अर्थशास्त्र विभाग और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सहयोग से निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशासनिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को निवेश, वित्तीय बाजार और जोखिम प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
निवेश के तीन मूल मंत्र: जल्दी शुरुआत, विविधीकरण और दीर्घकालिक सोच
कार्यक्रम में NSE के अमित कुमार सक्सेना ने विद्यार्थियों को निवेश के तीन मूल मंत्र बताए:
- जल्दी शुरुआत – कम उम्र में निवेश शुरू करने से समय के साथ वित्तीय अनुशासन विकसित होता है
- विविधीकरण (Diversification) – जोखिम को संतुलित करने के लिए निवेश को अलग-अलग विकल्पों में बांटना जरूरी
- दीर्घकालिक निवेश – लंबी अवधि की सोच बेहतर रिटर्न और स्थिरता देती है
उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से समझाया कि निवेश संबंधी फैसले अफवाह या भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि जोखिम क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर लेने चाहिए।
युवाओं में वित्तीय समझ जरूरी: प्रो. राशि कृष्णा सिन्हा
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. राशि कृष्णा सिन्हा ने कहा कि युवाओं में शुरू से ही वित्तीय समझ विकसित करना जरूरी है। उनके अनुसार इससे विद्यार्थी भविष्य में आय और निवेश से जुड़े फैसले अधिक विवेकपूर्ण तरीके से ले सकेंगे।
कार्यक्रम में रहीं ये गणमान्य उपस्थितियां
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे:
- प्रो. संजीव गुप्ता – अधिष्ठाता, कॉमर्स संकाय
- प्रो. ए.के. दुबे – अधिष्ठाता, कला, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय
- प्रो. वी.के. सिंह – अधिष्ठाता शैक्षणिक
- प्रो. अनामिका चौधरी, डॉ. अंजलि सिंह, डॉ. संदीप बलियान, सरिता सक्सेना समेत अन्य शिक्षक व विद्यार्थी
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिषेक पांडेय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
