कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रधानमंत्री को इप्सेफ का पत्र
लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन (इप्सेफ) ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में सरकार से मिल-बैठकर समस्याओं का समाधान निकालने का आग्रह किया गया है।
लगातार सुझाव के बावजूद नहीं मिला ध्यान: वी.पी. मिश्र
इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी.पी. मिश्र ने कहा कि युवाओं, छात्रों और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर संगठन लगातार सरकार को सुझाव देता रहा है, लेकिन इन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर देशभर में विभिन्न वर्गों के आंदोलन हो रहे हैं और उनका स्वरूप लगातार उग्र होता जा रहा है। श्री मिश्र के मुताबिक यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देशभर के कर्मचारी भी आंदोलन के लिए बाध्य हो सकते हैं।
किन मुद्दों पर है सबसे ज्यादा चिंता?
पत्र में इप्सेफ ने केंद्र एवं राज्य कर्मचारियों से जुड़ी कई लंबित समस्याओं का जिक्र किया है:
- आठवां वेतन आयोग – रिपोर्ट जनवरी 2026 से लागू किए जाने की बात थी, लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली का मामला लंबित
- आउटसोर्स कर्मचारियों के विनियमितीकरण का मुद्दा अभी अनसुलझा
सरकार से प्राथमिकता के आधार पर वार्ता की मांग
इप्सेफ अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि कर्मचारियों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता कर इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान निकाला जाए। उनके अनुसार, यदि सरकार समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं पर सकारात्मक पहल करती है तो आंदोलन की स्थिति को टाला जा सकता है।
आंदोलन की दी चेतावनी
श्री मिश्र ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार उपेक्षा होती रही तो देशभर का कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
