DRM ने किया लखनऊ-बाराबंकी-अयोध्या-सुल्तानपुर रेलखंड का निरीक्षण, अमृत भारत योजना के कार्यों का लिया जायज़ा
लखनऊ। उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) सुनील कुमार वर्मा ने शुक्रवार को लखनऊ-अयोध्या कैंट-सुल्तानपुर रेलखंड का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों, यात्री सुविधाओं, स्टेशन भवनों तथा संरक्षा व्यवस्थाओं का जायज़ा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
बाराबंकी स्टेशन: ₹33.42 करोड़ से पुनर्विकास कार्य जारी
निरीक्षण के दौरान DRM ने बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म शेड, कंट्रोल रूम भवन, वॉशरूम, टिकट काउंटर, खानपान स्टॉल और सर्कुलेटिंग एरिया की स्थिति परखी। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत यहाँ ₹33.42 करोड़ की लागत से पुनर्विकास कार्य चल रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली।
रुदौली-अयोध्या सेक्शन में संरक्षा व्यवस्थाओं की जाँच
रुदौली स्टेशन से अयोध्या की ओर रेलखंड के निरीक्षण के दौरान समपार संख्या 141-सी/1ई पर संरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
अयोध्या कैंट और भरतकुंड स्टेशन का निरीक्षण
अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई। इसके बाद भरतकुंड रेलवे स्टेशन पर स्टेशन भवन, रिले रूम और यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया गया, जहाँ ₹17.04 करोड़ की लागत से विकास कार्य चल रहे हैं। साथ ही लेवल क्रॉसिंग संख्या 27-C/E-3 पर संरक्षा व्यवस्थाओं की भी जाँच की गई।
सुल्तानपुर स्टेशन: ₹36.85 करोड़ के पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा
सुल्तानपुर स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ₹36.85 करोड़ की लागत से चल रहे पुनर्विकास और यात्री सुविधा विस्तार कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया गया।
अधिकारियों को दिए गुणवत्ता और समयबद्धता के निर्देश
मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अमृत भारत स्टेशन योजना के सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने यात्री सुविधा, स्वच्छता, संरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया।
इस निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता सहित लखनऊ मंडल के विभिन्न शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
