जर्जर कच्चे मकान में रह रहा था परिवार, डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान
लखनऊ, 5 सितंबर। अयोध्या के बीकापुर विकासखंड के ग्राम खजुराहट निवासी अर्पिता पाण्डेय को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किया गया है। अर्पिता अपने बच्चों और पति प्रेम प्रकाश के साथ जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर थीं। मामले की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अयोध्या के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की और परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद तुरंत हुई कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों ने पात्रता के आधार पर अर्पिता पाण्डेय का मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत किया। साथ ही परिवार को शौचालय समेत अन्य पात्रता आधारित सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परिवार की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
गरीबों को पक्की छत देने का संकल्प
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि कोई भी गरीब परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर न हो। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से पात्र गरीब परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने का कार्य लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को आवास के साथ शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं से भी योजनाओं के नियमानुसार जोड़ा जा रहा है।
समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचे योजनाओं का लाभ: केशव प्रसाद मौर्य
उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं के सामने आने पर नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
