प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई, भैंसाकुंड मोक्षधाम में हुआ अंतिम संस्कार
प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई, भैंसाकुंड मोक्षधाम में हुआ अंतिम संस्कार
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र संघचालक प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह का गुरुवार सायंकाल निधन हो गया। शुक्रवार को भैंसाकुंड स्थित मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। गमगीन माहौल में परिजनों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, संघ पदाधिकारियों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
मुख्य बिंदु
- निधन: गुरुवार सायंकाल
- अंतिम संस्कार: शुक्रवार को भैंसाकुंड मोक्षधाम, लखनऊ में
- मुखाग्नि: पुत्र आचार्य संजय सिंह (कुलपति, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय)
- शोक व्यक्त करने वाले: संघ सरसंघचालक मोहन भागवत, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, उप राज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा, विधायक राजेश्वर सिंह
- पहचान: तीन विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति, संघ के पूर्व क्षेत्र संघचालक
परिजनों और गणमान्य लोगों ने दी अंतिम विदाई
उनके पुत्र एवं डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने मुखाग्नि दी। उनकी पुत्री डॉ. मांडवी सिंह भी मौजूद रहीं।
अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने वालों में क्षेत्र प्रचारक अनिल, मनोजकांत, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, बीबीएयू के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी और कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट समेत अन्य लोग शामिल रहे।
शिक्षा और राष्ट्रसेवा के लिए याद किए जाएंगे प्रो. सिंह
प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इससे पहले वे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी संस्थान के माइनिंग विभाग में प्रोफेसर रहे। शिक्षा और संघ के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहे प्रो. सिंह के निधन को शिक्षा जगत और संघ परिवार के लिए बड़ी क्षति बताया गया।
मोहन भागवत बोले, एक अभिभावक बिछुड़ गया
संघ सरसंघचालक मोहन भागवत ने शोक संदेश में कहा कि प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह के निधन का समाचार मन में दुःख भर देने वाला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रसंघचालक के रूप में लंबे समय तक उन्हें संघ का दायित्व निभाते हुए देखने का अवसर मिला। उनका आत्मीय, शांत, गंभीर और सक्रिय व्यक्तित्व सभी ने अनुभव किया। उनके जाने से एक अभिभावक बिछुड़ गया है।
भाई जी ब्रह्म दत्त शर्मा और दत्तात्रेय ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उप मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपाल ने जताया शोक
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "प्रो. सिंह का निधन संघ परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्रीराम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।"
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "प्रो. सिंह ने शिक्षा, समाज और राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से समाज ने एक समर्पित शिक्षाविद् और राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तित्व खो दिया है।"
अंडमान-निकोबार के उप राज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, "प्रो. सिंह मेरे मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत रहे। उन्होंने महत्वपूर्ण दायित्वों का सरलता, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा से निर्वहन किया।"
विधायक राजेश्वर सिंह समेत कई अन्य लोगों ने भी प्रो. सिंह के निधन पर संवेदना व्यक्त की।
