लखनऊ। नेचुरल टच वेलफेयर सोसायटी एवं महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को अंतर-महाविद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय था — "क्या AI युवा पीढ़ी की सोच पर प्रहार है?" जिसमें विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने पक्ष एवं विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल ने की सराहना
कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ. बलवंत सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, श्री जय नारायण मिश्र पीजी कॉलेज) एवं डॉ. श्रद्धा सिन्हा (असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज) शामिल रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वाद-विवाद में विषय की मूल भावना को समझकर उसी के दायरे में तार्किक एवं संतुलित विचार प्रस्तुत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में सहभागिता ही सबसे बड़ी उपलब्धि है, हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण सीखना और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करना है।
निर्णायकों ने नेचुरल टच वेलफेयर सोसायटी के शैक्षिक एवं बौद्धिक विकास से जुड़े सतत प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास और विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता का विकास करते हैं।
विजेताओं की सूची
उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर:
- प्रथम स्थान — सौम्या द्विवेदी
- द्वितीय स्थान — दीपांशी दीक्षित
- तृतीय स्थान — राधिका गुप्ता
आयोजन में इनकी रही भूमिका
कार्यक्रम में नेचुरल टच वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती स्मृति एवं सचिव श्री प्रदीप उपस्थित रहे। महाविद्यालय की ओर से श्रीमती अनुपम सिंह, डॉ. कुसुम यादव, डॉ. आयुषी जायसवाल एवं डॉ. प्रज्ञा पांडे ने कार्यक्रम का समन्वयन किया। मंच संचालन तृषा ने किया तथा आराध्या ने स्वयंसेवक के रूप में सहयोग प्रदान किया।
गौरतलब है कि नेचुरल टच वेलफेयर सोसायटी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में सामान्य ज्ञान, भाषा दक्षता, तार्किक क्षमता एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति रुचि विकसित करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु संस्था द्वारा अंतर-महाविद्यालयी प्रतियोगिताओं का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।
