रामडोल की भव्य शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
ढोल-नगाड़ों और आकर्षक झांकियों के साथ गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे, शारदा सहायक नहर में विधि-विधान से हुआ विसर्जन; भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
काकोरी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर करझन गांव स्थित बब्बूर देवी मंदिर परिसर में स्थापित रामडोल का रविवार को भव्य शोभायात्रा निकालकर श्रद्धा और उल्लास के बीच विसर्जन किया गया। रामडोल की इस शोभायात्रा में करझन सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और आकर्षक झांकियों के बीच निकली यह यात्रा पूरे क्षेत्र को कृष्णमय बना गई।
"हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
बब्बूर देवी मंदिर परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा में श्रद्धालु "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। युवाओं से लेकर बुजुर्ग और बच्चों तक ने पूरे उत्साह के साथ इस यात्रा में हिस्सा लिया। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर रामडोल का भव्य स्वागत किया। भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते और जयकारे लगाते नजर आए।
करझन से कठिंगरा तक निकली यात्रा, नहर तट पर हुआ विसर्जन
शोभायात्रा करझन से निकलकर भागूखेड़ा और अजमतनगर होते हुए कठिंगरा पहुंची। इसके बाद रामडोल को शारदा सहायक नहर के तट पर ले जाया गया, जहां मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा का विसर्जन संपन्न कराया गया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर भगवान से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
विसर्जन के बाद बब्बूर देवी मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। शाम पांच बजे शुरू हुए इस भंडारे में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर पूड़ी, सब्जी और खीर का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों और स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से प्रसाद वितरित कराया।
भाईचारे और धार्मिक उत्साह का बना रहा माहौल
पूरे आयोजन के दौरान करझन गांव में धार्मिक उत्साह और आपसी भाईचारे का माहौल बना रहा। शोभायात्रा से लेकर विसर्जन और भंडारे तक ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सूरज कुमार, अजय कुमार (बीडीसी), उमंग राज सूर्या, रोहित कुमार, करन रावत, मनु रावत, अंशु रावत, सचिन गौतम, शिवकुमार, अमित कुमार और विशाल वर्मा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।
