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लखनऊ भाषा विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह, कुलपति प्रो. अजय तनेजा बोले- अवसर खोजने वाले नहीं, अवसर पैदा करने वाले बनें युवा

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अवसर पैदा करने का आह्वान किया।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: August 17, 2026

 अवसर खोजने वाले नहीं, अवसर पैदा करने वाले बनें युवा” — कुलपति प्रो. अजय तनेजा

लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल अवसर तलाशने वाले न बनें, बल्कि अपनी प्रतिभा, ज्ञान और नवाचार के माध्यम से नए अवसर पैदा करने की क्षमता विकसित करें।

कुलपति ने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि भारत की स्वतंत्रता केवल एक राजनीतिक आंदोलन का परिणाम नहीं थी, बल्कि यह पूरे भारतीय समाज को प्रेरित करने वाली व्यापक राष्ट्रीय यात्रा थी। उन्होंने साहित्यकारों, वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों और समाजशास्त्रियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों के योगदान को भी रेखांकित किया।

सामाजिक सरोकारों में विश्वविद्यालय की सक्रिय भागीदारी

प्रो. अजय तनेजा ने विश्वविद्यालय की ओर से सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी जनसहभागिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ‘आनंदी मां–एक जीवन बचाओ एवं कैंसर मुक्त भारत यात्रा’ को NCC और NSS कैडेट्स तथा शिक्षकों द्वारा जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सेवा और बाल सुधार गृहों में शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘वंदे मातरम्’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ में राष्ट्र निर्माण की भावना

कुलपति ने कहा कि ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रीय नारों में भारत की एकता, समरसता और राष्ट्र निर्माण की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में विश्वविद्यालयों और युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विद्यार्थियों से परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय में विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं

कुलपति ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए आधारभूत संरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। नए एमओयू किए जा रहे हैं और प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है।

उन्होंने Lifeactivus Innovation Lab, 350 क्षमता वाले मल्टीपर्पज हॉल और 120 क्षमता वाली कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं के विकास की जानकारी भी साझा की। साथ ही शिक्षकों की सुविधाओं में निरंतर वृद्धि किए जाने की बात कही।

युवाओं को नशे और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचने की सलाह

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि प्रत्येक युवा को सजग, सतर्क और सक्षम बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने नशे की लत, सामाजिक विभाजन के प्रयासों, अनुचित सोशल मीडिया प्रभावों तथा समाज और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्रवृत्तियों से सावधान रहने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और रचनात्मक सोच का सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल कर समाज और देश के लिए नए अवसरों का निर्माण कर सकते हैं।

विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना

कुलपति ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की वैज्ञानिक एवं रचनात्मक उपलब्धियों की सराहना करते हुए Smart Rain Detection & Alert System, Smart Home Automation System, Smart Medicine Box, IoT आधारित प्रणालियों, Forest Fire Detection System, Air Quality Monitoring System और RFID आधारित Smart Door Lock जैसे नवाचारों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचार विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान की क्षमता को प्रदर्शित करते हैं।

NCC कैडेट प्रशांत यादव और अमन त्रिपाठी की उपलब्धियों का उल्लेख

कुलपति ने विश्वविद्यालय के NCC कैडेट प्रशांत यादव की उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रशांत यादव ने 30 वर्षों बाद लखनऊ ग्रुप को IGC & TSC थल सेना में प्रथम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वहीं विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अमन त्रिपाठी के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा My Bharat Youth Ambassador के लिए चयनित होने और फेलोशिप प्राप्त करने पर भी कुलपति ने प्रसन्नता व्यक्त की।

“विपत्ति में, विरोध में अडिग रहो, अटल रहो”

अपने संबोधन के अंत में प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, ज्ञान और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर भारत को विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कोई भी चुनौती ऐसी नहीं है, जिसे पार न किया जा सके।

कुलपति ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए “विपत्ति में, विरोध में अडिग रहो, अटल रहो” का संदेश दिया और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचिता चौधरी ने किया। इस अवसर पर प्रो. मसूद आलम, प्रो. चंदना डे, प्रो. हैदर अली, प्रो. सौबान सईद, कुलसचिव विकास सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

 

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