5 महीने से लापता 11 वर्षीय रवि को गौतमपल्ली पुलिस ने सकुशल खोज निकाला, मां से मिलते ही छलके आंसू
लखनऊ। थाना गौतमपल्ली क्षेत्र से 14 मार्च 2026 को लापता हुआ 11 वर्षीय रवि आखिरकार करीब पांच महीने बाद सकुशल मिल गया। गौतमपल्ली पुलिस की लगातार तलाश और सुरागरसी के बाद रवि को राजकीय बाल गृह (बालक), मोहन रोड, लखनऊ से खोज निकाला गया। बच्चे के मिलने की सूचना के बाद परिजन राजकीय बाल गृह पहुंचे, जहां मां को देखते ही रवि भावुक हो गया और अपनी मां से लिपट गया।
14 मार्च को लापता हुआ था रवि
जानकारी के अनुसार, रवि पुत्र प्रताप कुमार अपने परिजनों के साथ पनेसिया हॉस्पिटल के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ी में रहता था। 14 मार्च 2026 को वह लापता हो गया था। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को मामले की जानकारी दी।
रवि की तलाश में गौतमपल्ली पुलिस टीम लगातार संभावित स्थानों पर खोजबीन करती रही। पुलिस ने चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास, चारबाग चुंगी स्थित शेल्टर होम, लाटूश रोड के शेल्टर होम और आलमबाग बस स्टैंड सहित कई संभावित स्थानों पर बच्चे की तलाश की।
राजकीय बाल गृह में मिली बड़ी जानकारी
लगातार तलाश के दौरान पुलिस टीम राजकीय बाल गृह (बालक), मोहन रोड, लखनऊ पहुंची। वहां मौजूद कर्मचारियों को गुमशुदा रवि की तस्वीर दिखाकर उसके संबंध में जानकारी ली गई।
कर्मचारियों ने फोटो देखकर पुलिस को बताया कि तस्वीर में दिखाई दे रहा बच्चा राजकीय बाल गृह में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने बालक को आगंतुक कक्ष में बुलाया और फोटो के आधार पर उसकी पहचान की।
पूछताछ में बालक ने अपना नाम रवि बताया। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया और बच्चे की पहचान के लिए उन्हें राजकीय बाल गृह बुलाया।
मां को देखते ही रवि की आंखों से छलके आंसू
कुछ समय बाद रवि की मां मोना देवी और उसके चाचा भोला राजकीय बाल गृह पहुंचे। जैसे ही रवि ने अपनी मां को सामने देखा, वह भावुक हो गया और अपनी मां से लिपट गया।
मां और बेटे के इस भावुक मिलन का दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया। परिजनों ने बालक की पहचान करते हुए पुष्टि की कि राजकीय बाल गृह में मिला बच्चा ही उनका गुमशुदा रवि है।
पांच महीने बाद परिवार को मिली बड़ी राहत
करीब पांच महीने से अपने बेटे की तलाश कर रहे परिवार के लिए रवि का सकुशल मिलना बड़ी राहत की खबर है। गौतमपल्ली पुलिस द्वारा लगातार की गई सुरागरसी, पतारसी और संभावित स्थानों पर तलाश के बाद बच्चे को उसके परिवार तक पहुंचाने में सफलता मिली।
रवि के परिवार ने बच्चे के सकुशल मिलने पर राहत की सांस ली। वहीं, पुलिस की लगातार कोशिशों के चलते एक परिवार को उसका बिछड़ा बच्चा वापस मिल सका।
