स्थानीय निकाय निदेशालय में टंकण परीक्षा के आदेश पर कर्मचारियों का धरना, तीन दिन में आदेश वापसी की मांग
स्थानीय निकाय निदेशालय में टंकण परीक्षा के आदेश पर कर्मचारियों का धरना, तीन दिन में आदेश वापसी की मांग
लखनऊ। स्थानीय निकाय निदेशालय में प्रशासनिक नीतियों और कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन्स के नेतृत्व में शुक्रवार को निदेशालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। संगठन ने निदेशालय प्रशासन पर कर्मचारियों के उत्पीड़न और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया।
मुख्य बिंदु
- विवाद: वरिष्ठ कर्मचारियों को मैनुअल टाइपराइटर पर टंकण परीक्षा देने का निर्देश
- आदेश: 25 अगस्त 2026 को पत्र संख्या 1/683 से 1/692 जारी
- मुख्य मांग: टंकण परीक्षा के आदेश निरस्त हों
- अन्य मांगें: द्विपक्षीय वार्ता, लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल और रोके गए वेतन का भुगतान, कैडर पुनर्गठन
- चेतावनी: तीन दिन में आदेश वापस न हुए तो प्रदेश के स्थानीय निकायों में पूर्ण कार्यबहिष्कार
कंप्यूटर पर काम करने वालों से मैनुअल टाइपराइटर पर परीक्षा
धरने को संबोधित करते हुए फेडरेशन के प्रांतीय महामंत्री मंसूर अली ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस, डिजिटल कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है। इसके उलट स्थानीय निकाय निदेशालय में लंबे समय से कंप्यूटर पर काम कर रहे वरिष्ठ कर्मचारियों को मैनुअल टाइपराइटर पर टंकण परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
25 अगस्त के आदेशों पर आपत्ति
संगठन का आरोप है कि कार्मिक विभाग की 29 सितंबर 2025 की अधिसूचना का हवाला देकर निदेशालय ने 25 अगस्त 2026 को पत्र संख्या 1/683 से 1/692 तक जारी किए। इनके तहत लंबे समय से कार्यरत वरिष्ठ कर्मचारियों को भी टंकण परीक्षा देने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
मंसूर अली ने आरोप लगाया कि जो व्यवस्था पुराने कर्मचारियों पर लागू नहीं होती, उसे उन पर भी लागू किया जा रहा है। संगठन के अनुसार, राजकीय आईटीआई अलीगंज से मैनुअल टाइपराइटर मंगवाकर परीक्षा की व्यवस्था की गई और कर्मचारियों की लगातार वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए। इसे लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें
- 25 अगस्त 2026 को जारी टंकण परीक्षा संबंधी आदेश निरस्त किए जाएं।
- शासनादेश संख्या 9/2022/सामान्य-145 (17 मई 2022) के अनुसार संघ के पदाधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता हो।
- गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल और रोके गए वेतन का भुगतान किया जाए।
- लंबे समय से लंबित कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाकर पद सृजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश का दावा, तीन दिन का अल्टीमेटम
फेडरेशन ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद की ओर से 7 सितंबर 2026 को संदर्भ संख्या CBS0000607411 के माध्यम से मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
प्रांतीय महामंत्री मंसूर अली ने चेतावनी दी कि तीन दिनों के भीतर संबंधित आदेश वापस नहीं लिए गए तो फेडरेशन प्रदेश के स्थानीय निकायों में पूर्ण कार्यबहिष्कार सहित आंदोलन शुरू करेगा।
धरने में ये रहे मौजूद
धरने में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ की अध्यक्ष मीना सिंह, निदेशालय मिनिस्टीरियल सेवा संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप कुमार पाण्डेय, कार्यकारी अध्यक्ष सुनील कुमार यादव, शैलेंद्र यादव, आशीष खरे, अफजल फारूकी, रंजीत कुमार और देवेंद्र कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
