शिक्षक दिवस पर 'गुरु वाटिका' पहल: यूपी में शिक्षकों के सम्मान में रोपे गए 89,516 पौधे
लखनऊ। शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संस्कार विकसित करने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से वन एवं वन्यजीव विभाग की ओर से पूरे उत्तर प्रदेश में 'गुरु वाटिका' स्थापित की गई। इस पहल के तहत प्रदेश के 54 स्थलों पर शिक्षकों के नाम पर 89,516 पौधे रोपे गए। पौधरोपण कार्यक्रमों में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक, स्थानीय समुदाय और पर्यावरण प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
क्यों शुरू की गई 'गुरु वाटिका' पहल?
वन विभाग के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के योगदान का सम्मान करने के साथ-साथ प्रकृति के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थानीय मिट्टी और जलवायु के अनुकूल फलदार, छायादार और शोभाकार प्रजातियों के पौधे रोपे गए, जो पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
बरेली कॉलेज में मंत्री ने रोपा अमलतास का पौधा
शिक्षक दिवस के मौके पर बरेली कॉलेज में आयोजित विशेष पौधरोपण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंत्री ने अपने शिक्षकों के सम्मान में अमलतास का पौधा रोपा।
वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत कई वाटिकाएं विकसित
वन विभाग के अनुसार, इस वर्ष वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत वन एवं वृक्षों के प्रति संवेदना और जन-जागरूकता विकसित करने तथा 'वन को जन और जन को वन' से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में कई प्रकार की वाटिकाएं और वन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- समृद्धि वन
- समरस वन
- भाई-बहन वाटिका
- वंदे मातरम् वाटिका
- ऊर्जा वन
- एक्सप्रेस-वे किनारे पौधरोपण
- अविरल धारा क्षेत्र पौधरोपण
नई पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना
'गुरु वाटिका' पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अपने-अपने शिक्षकों के नाम पौधे रोपकर शिक्षक और प्रकृति दोनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। वन विभाग का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी और प्रकृति से जुड़ाव की भावना और मजबूत होगी।
