मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने LDA की वरुण विहार और नैमिष नगर योजना का किया भूमि पूजन
करीब 10,680 एकड़ क्षेत्र में विकसित होंगी दोनों योजनाएं, लागत 12 हजार करोड़ रुपये
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजना का भूमि पूजन किया। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाली दोनों योजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 10,680 एकड़ है। इन योजनाओं के शुभारंभ के साथ राजधानी में आवासीय और शहरी विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लखनऊ बन रहा मैन्यूफैक्चरिंग और हेल्थकेयर हब" — CM योगी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की पावन धरती को नमन करते हुए राजधानी में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ तेजी से विकास कर रहा है — एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है और प्रदेश में कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ को आने वाले समय में मैन्यूफैक्चरिंग और हेल्थकेयर के नए हब के तौर पर विकसित होने की बात कही।
हर आय वर्ग को मिलेगा योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ हर आय वर्ग के लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि:
- लखनऊ में मेट्रो का काम लगातार आगे बढ़ रहा है
- राजधानी में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है
- बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याएं जो पहले प्रमुख थीं, अब तस्वीर बदल रही है
"ब्रह्मोस मिसाइल से दुश्मन थर्राता है" — लखनऊ में रक्षा उत्पादन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा —
"लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है, ब्रह्मोस मिसाइल से दुश्मन थर्राता है।"
10,680 एकड़ में विकसित होंगी दोनों योजनाएं — जानें पूरा प्लान
| योजना | स्थान | क्षेत्रफल विवरण |
|---|---|---|
| वरुण विहार | आगरा एक्सप्रेसवे के आसपास | अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध |
| नैमिष नगर | सीतापुर रोड व आईआईएम रोड क्षेत्र | अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध |
दोनों परियोजनाओं पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही पांच बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया, जिससे राजधानी में आवासीय विकल्पों के विस्तार और नए क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
